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फरीदाबाद के इस इलाके में दूर होगी जलभराव और गंदे पानी की समस्या, सीवर लाइन बिछेगी

फरीदाबाद के इस इलाके में दूर होगी जलभराव और गंदे पानी की समस्या, सीवर लाइन बिछेगी

संक्षेप:

फरीदाबाद के बड़खल औद्योगिक क्षेत्र में सीवर की समस्या से जूझ रहे उद्यमियों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम की ओर से क्षेत्र में जल्द नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर नगर निगम की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। अगले महीने से पाइप लाइन बिछाने का कार्य चालू कर दिया जाएगा।

Feb 11, 2026 08:48 am ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/फरीदाबाद
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फरीदाबाद के बड़खल औद्योगिक क्षेत्र में सीवर की समस्या से जूझ रहे उद्यमियों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम की ओर से क्षेत्र में जल्द नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर नगर निगम की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। अगले महीने से पाइप लाइन बिछाने का कार्य चालू कर दिया जाएगा, जिससे 100 से अधिक छोटे-बड़े उद्यमियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बड़खल क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां कई छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां और वर्कशॉप संचालित हैं।लेकिन सीवर व्यवस्था का काफी बुरा हाल है। वर्षों पहले पड़ी पुरानी अब क्षतिग्रस्त होने के कारण गलियों में आये सीवर ओवरफ्लो होकर बहता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। साथ ही यहां काम करने वाले कर्मचारियों को असुविधा होती है। इसे लेकर उद्यमी कई बार नगर निगम से समाधान की मांग कर चुके हैं। समय पर पानी निकासी न होने से मशीनों और कच्चे माल को नुकसान पहुंचता है। नई सीवर लाइन बिछने से न केवल स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिल सकेगी।

स्थायी समाधान से राहत मिलेगी

स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि बरसात आते ही हमारे घरों के सामने गंदा पानी भर जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो जाता है। यदि यह समस्या स्थायी रूप से हल हो जाती है तो यह हमारे लिए बड़ी राहत होगी। वहीं, उद्योगपति अनिल गोयल ने कहा कि सीवरेज की खराब हालत के कारण कई बार उत्पादन रोकना पड़ता है। इससे व्यापार में नुकास झेलना पड़ता है। नई लाइनें बिछने से उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि बड़खल क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत नई पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ पुराने और जर्जर हिस्सों की मरम्मत की जाएगी। कई जगहों पर सीवर की क्षमता कम होने के कारण ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है, जिसे दूर करने के लिए बड़े व्यास की लाइनें डाली जाएंगी। इसके अलावा मैनहोल और चैंबर की सफाई व्यवस्था को भी नियमित किया जाएगा ताकि भविष्य में समस्या दोबारा न खड़ी हो।

गंदे पानी और जलभराव से बीमारियों का खतरा बढ़ा

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रमन पराशर ने कहा कि गंदे पानी और जलभराव से बीमारियां का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे सबसे ज्यादा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा संक्रमण का खतरा रहता है। बेहतर सीवरेज व्यवस्था से इन बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्वच्छता स्तर सुधरने से क्षेत्र की छवि भी बेहतर होगी और संपत्ति मूल्यों में वृद्धि की संभावना बनेगी।

लोगों से सहयोग की अपेक्षा

नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमबीर सिंह ने बताया कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले उन इलाकों में काम शुरू होगा जहां जलभराव और ओवरफ्लो की शिकायतें सबसे अधिक हैं। इसके बाद पूरे क्षेत्र में नेटवर्क को जोड़कर एक समग्र समाधान तैयार किया जाएगा। इस दौरान होने वाली समस्या को देखते हुए नागरिकों और उद्योगों से सहयोग की अपेक्षा है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

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