फरीदाबाद में पुराने वाहनों को हटा रहे लोग, क्या वजहें; किन गाड़ियों की ओर रूझान?
फरीदाबाद में लोगों का पुरानी गाड़ियों से मोहभंग हो रहा है। अब लोग 8 से 10 साल के बजाय तीन-चार साल में ही कारें बेच दे रहे हैं। क्या है इसकी वजहें? किन गाड़ियों के प्रति बढ़ रहा रूझान?

फरीदाबाद में पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। खासकर 2024 से पहले बनी गाड़ियों की बिक्री अधिक हो रही है। इधर लोगों में ईवी और सीएनजी कारों को लेकर लोगों में क्रेज बढ़ा है। इससे लोग पुरानी गाड़ियां जल्दी बेच रहे हैं। वाहन मालिक अब लंबे समय तक कार चलाने के बजाय तीन से चार साल में ही उसे बेचकर नया वाहन लेने में रुचि दिखा रहे हैं। बाजार में सीएनजी ओर इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
पुरानी कारों को हटा रहे लोग
फरीदाबाद में 30 से अधिक कार शोरूम हैं। इनमें रोजाना लगभग 120 से 150 बिकते हैं। कार शोरूम पर पहुंचने वाले ग्राहकों में पुरानी कारों को बेचने का भी रुझान खूब देखने को मिल रहा है। पुरानी गाड़ियों के कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, पहले आमतौर पर वाहन मालिक अपनी कार को आठ से दस साल तक इस्तेमाल करने के बाद बेचते थे।
इन बातों की शिकायतें कर रहे कार मालिक
वहीं कार डीलरों के अनुसार, आजकल कुछ वाहन मालिक ई-20 मिश्रण से इंजन, ईंधन प्रणाली और माइलेज से जुड़ी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं। इसके चलते कई लोग अपनी पुरानी पेट्रोल कारों को जल्द बेचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे वाहनों की कीमत पर भी असर पड़ रहा है और ग्राहक कम दाम लगाने लगे हैं। हालांकि, वाहन विशेषज्ञों के मुताबिक गाड़ी पर असर उसके मॉडल, इंजन, रखरखाव और ईंधन की गुणवत्ता समेत कई चीजें पर निर्भर करता है।
इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की ओर रूझान
पेट्रोल पर खर्च कम करने और ई-20 पेट्रोल के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना अधिक दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों के बीच सीएनजी कारों की मांग विशेष रूप से बढ़ी है। वहीं एक ही शहर में आवाजाही करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को तवज्जो दे रहे है।
पुरानी गाड़ियों का बढ़ेगा कारोबार
बाजार में केवल छोटी कारों की ही मांग नहीं है। एसयूवी वह अन्य बड़ी गाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है। इससे पुरानी बड़ी गाड़ियों का बाजार मजबूत हुआ है। कार कारोबारियों के मुताबिक, कम अवधि में वाहन बदलने से तीन से चार साल पुरानी गाड़ियों की संख्या बाजार में और बढ़ सकती है। खरीदार भी कीमत के साथ वाहन की हालत, माइलेज, सर्विस रिकॉर्ड और ईंधन के विकल्प को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अब तीन-चार साल में ही गाड़ियां बेच रहे लोग
डीसीएस मोटर्स नीलम चौक के महाप्रबंधक गोल्डी सलूजा ने बताया कि पहले लोग कार को लंबे समय तक चलाते थे, लेकिन अब तीन-चार साल में वाहन बदल रहे हैं। सीएनजी कारों की मांग भी बढ़ी है। ग्राहक पेट्रोल कार खरीदने से पहले इथेनॉल और उसके असर को लेकर सवाल जरूर पूछ रहे हैं।


