छात्रा को 4 घंटे तक खड़ा रखा; फरीदाबाद में स्कूल की तीसरी मंजिल कूद गई, मौत
फरीदाबाद में 11वीं की छात्रा ने स्कूल की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि टीचर की ओर से 4 घंटे तक खड़े रहने की सजा मिलने से आहत होकर उसने यह कदम उठाया।

फरीदाबाद में 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने मंगलवार को अपने स्कूल की इमारत की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर जान दे दी। छात्रा के पिता का आरोप है कि एक शिक्षिका ने सजा के तौर पर उनकी बेटी को स्कूल में लगातार चार घंटे तक खड़ा रखा। इससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि, गाजीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रा को सजा दिए जाने के आरोपों से इनकार किया है।
तीसरी मंजिल से लगाई छलांग
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डबुआ के गाजीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में मंगलवार को 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा जानवी ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में स्कूल स्टाफ उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकला, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। छात्रा के पिता ने स्कूल की शिक्षिका पर बेटी को सजा देने का आरोप लगाया है।
4 घंटे खड़ा रहने की सजा दी
छात्रा के पिता प्रमोद कुमार ने आरोप लगाया कि मंगलवार को स्कूल में कुछ छात्राओं के बीच वेज बिरयानी खाने को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में उनकी बेटी की कोई भूमिका नहीं थी फिर भी शिक्षिका ने उसे सजा दी। पिता का आरोप है कि जानवी को करीब चार घंटे तक कक्षा से बाहर धूप में खड़ा रखा गया। इससे वह मानसिक रूप से आहत थी। दोपहर करीब दो बजे स्कूल की छुट्टी हुई तब जानवी तीसरी मंजिल पर पहुंच गई।
सजा से आहत छात्रा ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग
दावा किया जा रहा है कि छात्रा ने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। उसके नीचे गिरने की आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा। छात्रा को गंभीर हालत में बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे ज मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही साफ होगा कि छात्रा को वास्तव में सजा दी गई थी या नहीं और घटना से उसका कोई संबंध था या नहीं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
सभी पहलुओं की जांच
डबुआ थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने कहा कि जिन हालात में छात्रा ने यह कदम उठाया, उन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी। मृत छात्रा के माता-पिता ने दावा किया कि उसे शिक्षिका ने इसलिए डांटा था क्योंकि वह बिना किसी को बताए बिरयानी खाने चली गई थी। परिजनों का आरोप है कि सजा के तौर पर जानवी को स्कूल में लगातार चार घंटे तक खड़ा रखा गया। इससे आहत होकर उसने अपनी जान दे दी।
(हिन्दुस्तान संवाददाता के इनपुट के साथ)


