
फरीदाबाद गैंगरेप पीड़िता के चेहरे की हड्डियां टूटीं, कार से क्यों नहीं आई चीखने की आवाज
वैवाहिक कलह के कारण अपने माता-पिता के घर पर रह रही 25 वर्षीय महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं तथा उसे 12 से ज्यादा टांके लगाने पड़े हैं। उसे राष्ट्रीय राजधानी से सटे फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक महिला से कथित तौर पर रात भर चलती वैन में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसे तेज रफ्तार वाहन से एक सुनसान सड़क पर फेंक दिया गया, जिससे उसे सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तीन बच्चों की मां के साथ यह घटना मंगलवार तड़के कम आबादी वाली गुड़गांव-फरीदाबाद सड़क पर हुई। यह घटना 13 साल पहले दिसंबर में निर्भया बलात्कार मामले की याद दिलाती है। खास बात है कि चलती कार में हुई इस वारदात के दौरान जब महिला चीखी तो उसकी आवाज किसी तक क्यों नहीं पहुंची।
चीखने आवाज क्यों नहीं आई
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ता बताते हैं कि महिला को वाहन में करीब 3 घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। उस दौरान गाड़ी फरीदाबाद की खाली सड़क पर दौड़ रही थी। महिला ने कथित तौर पर मदद के लिए चीख पुकार की थी, लेकिन कोहरे के कारण साफ दिखाई नहीं देने, कड़ाके की ठंड और ज्यादा ट्रैफिक नहीं होने के चलते किसी ने आवास नहीं सुनी।
घर से नाराज होकर निकली थी महिला
वैवाहिक कलह के कारण अपने माता-पिता के घर पर रह रही 25 वर्षीय महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं तथा उसे 12 से ज्यादा टांके लगाने पड़े हैं। उसे राष्ट्रीय राजधानी से सटे फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला की हालत गंभीर है और वह अभी बयान दर्ज कराने की स्थिति में नहीं है।
लिफ्ट के बहाने गाड़ी में बनाया हवस का शिकार
पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद में रहने वाले दोनों आरोपियों ने किसी परिवहन का इंतजार कर रही महिला को लिफ्ट देने की पेशकश की। दोनों आरोपी उसे उसके गंतव्य तक ले जाने के बजाय गुरुग्राम की ओर ले गए और कार के अंदर ही उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि महिला को पूरी रात वैन में घुमाया गया और करीब तीन बजे राजा चौक के पास 90 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चल रहे वाहन से उसे बाहर फेंक दिया गया।
चेहरे की हड्डियां टूटी, कंधा उतरा
बहुत ज्यादा खून बहने के बावजूद महिला ने किसी तरह अपनी बहन को फोन किया, जो मौके पर पहुंची और उसे बादशाह खान सिविल अस्पताल ले गई। उसकी चोटों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने सलाह दी कि उसे दिल्ली ले जाया जाए लेकिन परिवार ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि उसे काफी चोटें आई हैं, जिसमें चेहरे की हड्डियां टूटना और कंधा उतरना (डिसलोकेट) शामिल है।
उन्होंने बताया, 'सर्जरी की तैयारी की जा रही है और महिला की हालत खतरे से बाहर है। ऐसा लगता है कि चोटें किसी सख्त चीज़ से लगी हैं या सड़क पर फेंके जाने से लगी हैं। पुलिस ने जांच के लिए नमूने एफएसएल भेज दिए हैं।' पीड़िता की बहन ने अपनी शिकायत में कहा कि गाड़ी से बाहर फेंकें जाने के बाद उसकी बहन को गंभीर चोटें आयीं। उसने बताया, 'उसकी हालत को देखते हुए हमने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया।'
शिकायत के मुताबिक, 25 साल की महिला सोमवार शाम को सेक्टर 23 में अपनी दोस्त के घर गई थी और जब वह घर लौट रही थी तो आरोपियों ने उसे लिफ्ट देने की पेशकश की। महिला उन दोनों व्यक्तियों को नहीं जानती थी।
आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई वैन को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल यादव ने कहा, 'टीआईपी (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) प्रक्रिया के कारण इस समय आरोपियों के नाम और फोटो का खुलासा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच जारी है।'
फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले दोनों आरोपियों को शहर की एक अदालत में पेश किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
(पीटीआई भाषा इनपुट के साथ)





