
फरीदाबाद वालों को भी मिलेगा गंगाजल, नोएडा से 55 KM लंबी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी
फरीदाबाद में पानी की किल्लत दूर करने के लिए नोएडा से 55 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए 1200 MLD गंगाजल लाया जाएगा; साथ ही उपायुक्त ने एफएनजी प्रोजेक्ट और अतिक्रमण हटाओ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश से 12 सौ एमएलडी गंगाजल लाया जाएगा। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दी। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इस पर अमल शुरू किया जाएगा। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में नवनियुक्त उपायुक्त आयुष सिन्हा ने यह जानकारी साझा की।
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय शहरी एवं विकास मंत्री मनोहरलाल ने नोएडा स्थित गंगा नहर से फरीदाबाद तक पानी लाने की बनाने के आदेश दिए थे। जिस पर अमल करते हुए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग ने इस योजना पर काम किया। सिंचाई विभाग ने इसके लिए सर्वे किया था। जिसमें 55 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए गंगाजल नोएडा से फरीदाबाद तक लाने का लक्ष्य तय किया। हालांकि इसके अलावा फरीदाबाद शहर की बढ़ती आबादी को पर्याप्त पानी मुहैया करवाने के लिए शासन-प्रशासन की तरफ से प्रयास पहले भी किए गए। गुरुग्राम की मुनक लहर से पानी लाने की योजना इसमें शामिल है। मगर यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके असफल होने का कारण बजट माना गया। बहरहाल, अब गंगाजल लाने के लिए फिर प्रयास किए जा रहे हैं।
एफएनजी पर सरकार गंभीर
उपायुक्त ने बताया कि शहर की एनसीआर से कनेक्टिविटी वाले प्रोजेक्ट पर विशेष फोकस किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि एफएनजी प्रोजेक्ट को लेकर सरकार गम्भीर है। पिछले सप्ताह इस प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा की गई। जिसकी प्रगति रिपोर्ट में सम्बंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर सहित अन्य कार्रवाई की जा रही है। शहर में पार्किंग के मुद्दे पर उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण शहर में तीन बहुमंजिला पार्किंग बनाने की योजना तैयार कर रहा है। उम्मीद है जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। ओल्ड फरीदाबाद में बनी बहुमंजिला पार्किंग को जल्द शुरू करवाया जाएगा, इसके लिए सबंधित विभाग के अधिकारियों की जल्द बैठक बुलाई जाएगी।
हरित पट्टियों से हटाया जाएगा अतिक्रमण
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर उपायुक्त ने कहा कि इसको लेकर सभी विभाग तालमेल बनाकर काम करेंगे। हरित पट्टियों से अतिक्रमण साफ किया जाएगा। एनजीटी के भी आदेश हैं, जिनका पालन किया जाएगा। कूड़ा जलाने वाले और निर्माण स्थल का मलबा फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अनाधिकृत क्षेत्र में लगे उद्योगों के कूड़े को लेकर जांच होगी। सभी उद्योगों के कूड़े को हेजार्ड प्लांट में भिजवाना सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि घर-घर से कूड़ा उठाने से लेकर सड़कों की मशीनों से नियमित सफाई करवाने पर फोकस किया जाएगा।
पेयजल आपूर्ति के लिए यमुना किनारे 22 रेनीवेल लगे हैं। नगर निगम के इलाकों में लगे करीब 1750 ट्यूबवेल लगे हैं। इन दोनों स्रोत्र से 330 एमएलडी पानी उपलब्ध होता है, जबकि शहर को प्रतिदिन में 450 एमएलडी पानी की जरुरत है। नतीजतन करीब 120 एमएलडी पानी की कमी रहती है। शहर में पानी की सबसे ज्यादा परेशानी गर्मियों में वार्ड एक, दो, छह, सात, आठ, नौ, 10 में होती है। नलों में पानी नहीं आने पर लोगों को प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीद कर काम चलाना पड़ता है





