
फरीदाबाद गैंगरेप: जेल में आरोपियों की परेड, पीड़िता ने दोनों को पहचाना
फरीदाबाद में चलती एंबुलेंस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों की पीड़िता ने पहचान कर ली है। नीमका जेल में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई गई। पीड़िता ने 10 के बीच खड़े आरोपियों को पहचान लिया।
फरीदाबाद में चलती एंबुलेंस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले के दोनों आरोपियों की पीड़िता ने पहचान कर ली है। नीमका जेल में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शिनाख्त परेड कराई गई जिसमें पीड़िता ने 10 अन्य बंदियों के बीच खड़े दोनों आरोपियों को स्पष्ट रूप से पहचान लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल इको वैन एंबुलेंस को पहले ही जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शिनाख्त परेड
पुलिस ने बताया कि सड़क पर दौड़ती एंबुलेंस में सामुहिक दुष्कर्म की शिकार 25 साल की महिला ने शिनाख्त परेड के दौरान दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है। पुलिस को इस मामले में काफी सबूत मिल गए हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी। नीमका जेल में आरोपियों की शिनाख्त परेड एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई। पीड़िता ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली।
10 के बीच से दोनों को पहचाना
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बादए पुलिस बुधवार को पीड़िता को लेकर नीमका जेल पहुंची। वहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में शिनाख्त परेड कराई गई जिसमें दोनों आरोपियों को 10 अन्य बंदियों के साथ खड़ा किया गया था। सभी बंदियों का कद काठी में एक जैसे थे। फिर भी पीड़िता ने दोनों आरोपियों को पहचान लिया। इस दौरान जांच अधिकारी और जेल अधीक्षक भी वहां मौजूद रहे।
मथुरा और झांसी हैं आरोपी
गाड़ी से फेंके जाने के कारण पीड़िता के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पीड़िता के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उत्तर प्रदेश के मथुरा और झांसी के रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों ही आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। आरोपी एक प्राइवेट अस्पताल की एम्बुलेंस में ड्राइवर और हेल्पर के तौर पर काम करते थे। पीड़िता के परिवार के बयान पर कोतवाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।





