
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम तैनात, सभी बाहर जाने वालों का रिकॉर्ड तैयार
दिल्ली धमाका मामले में आतंकी साजिश का खुलासा होने और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के नौगाम थाने में कल रात हुए ब्लास्ट को देखते हुए फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सुरक्षा अचानक कड़ी कर दी गई है। यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम तैनात कर दी गई है।
दिल्ली धमाका मामले में आतंकी साजिश का खुलासा होने और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के नौगाम थाने में कल रात हुए ब्लास्ट को देखते हुए फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सुरक्षा अचानक कड़ी कर दी गई है। यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम तैनात कर दी गई है। टीम लगातार यूनिवर्सिटी में आने-जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि जांच के लिए आने वाली सरकारी टीमों को निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए यूनिवर्सिटी की परिधि को हाई-रिस्क जोन मानते हुए अतिरिक्त सुरक्षा घेरे में लिया गया है।
पुलिस और सरकारी वाहनों की निगरानी के लिए अलग से पॉइंट बनाया गया है, जहां हर मूवमेंट की रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। सुरक्षा में अचानक बढ़ी सख्ती से यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है, जबकि जांच टीमें लगातार जानकारी जुटाने में लगी हैं। सुबह से पुलिस की चार गाड़ियां यहां आ चुकी है।
मेन गेट पर रजिस्टर में एंट्री के बाद ही बाहर जाने की अनुमति
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में चल रही जांच और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने अब कैंपस से बाहर जाने वाले छात्रों, स्टाफ और अन्य लोगों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। मेन गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी बाहर जाने वाले हर व्यक्ति का नाम, समय और पहचान से जुड़ी डिटेल रजिस्टर में दर्ज कर रहे हैं। रजिस्टर में एंट्री के बाद ही किसी को बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि आगामी दिनों में जांच के दौरान पुलिस को किसी भी व्यक्ति की आवाजाही का सटीक डिटेल मिल सके। इससे जांच में शामिल किए जाने वाले लोगों की पहचान करने और आवश्यक पूछताछ करने में आसानी होगी। सुरक्षा कर्मियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्टर में एंट्री के बिना किसी को भी यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर न जाने दें।
छात्रों और स्टाफ का कहना है कि सुरक्षा बढ़ाने के कदम जरूरी हैं, हालांकि अचानक सख्ती से उन्हें कुछ असुविधा भी हो रही है। फिलहाल प्रशासन का फोकस कैंपस में आने-जाने वालों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने पर है।





