
फरीदाबाद में 2 बच्चों की पैरों से दबाकर हत्या करने वाले पिता व सौतेली मां को उम्रकैद, क्या है पूरा मामला
फरीदाबाद जिला अदालत ने शुक्रवार को अपने बच्चों को कुएं के पानी में पैरों से दबाकर हत्या करने वाले पिता और सौतेली मां को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फरीदाबाद जिला अदालत ने शुक्रवार को अपने बच्चों को कुएं के पानी में पैरों से दबाकर हत्या करने वाले पिता और सौतेली मां को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडिशनल सेशन जज सुरेंद्र कुमार की अदालत यह फैसला सुनाया है। इस केस में 19 गवाह पेश किए गए। मामले का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद अदालत ने साक्ष्य को ही दोषी साबित करने का आधार माना।
18 मई 2023 को गांव सीकरी के निवासी धीरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह शगुन गार्डन के पीछे से गुजर रहे थे। उन्होंने देखा कि गार्डन के पीछे स्थित कुएं के चारों तरफ भीड़ लगी हुई है। जब धीरेंद्र मौके पर गए तो देखा कि कुएं में एक युवक अपने बच्चों का गला पैरों से दबा रहा था। वह दोनों को जान से मारने की कोशिश कर रहा था। धीरेंद्र रस्सी की मदद से कुएं में उतर गए। उन्होंने युवक को बच्चों के ऊपर से हटाया और दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद युवक को भी बाहर निकाला गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सीकरी पुलिस चौकी प्रभारी सुनील मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दोनों बच्चे मर चुके थे। इस मामले में धीरेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी।
पहली पत्नी के थे बच्चे : पुलिस की पूछताछ में अपने दोनों बच्चों को जान से मारने वाले पिता ने अपना नाम भगत सिंह बताया। श्याम कॉलोनी के निवासी भगत सिंह ने बताया कि जिन बच्चों 10 वर्षीय बेटा निक्की और चार वर्षीय बेटी बिंदू को उसने जान से मारा, वह उसकी पहली पत्नी के बच्चे थे।
अदालत में दो साल तक मामला चला
एडवोकेट रविंद्र गुप्ता ने बताया कि दो साल में 19 गवाह पेश किए गए। साथ ही मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, क्योंकि किसी ने भी भगत सिंह को अपने बच्चों के साथ कुएं में कूदता हुआ नहीं देखा था, लेकिन अदालत में ठोस साक्ष्य होने की वजह से आरोपित युवक और उसकी पत्नी दोषी साबित हुए। जब बच्चों का भगत सिंह पैर से गला दबा रहा था। उनको बाहर निकाला तो लोगों ने वीडियो भी बनाए। यह वीडियो भी अदालत में अपराध का सबूत बने।
दूसरी पत्नी करती थी झगड़ा, फिर रची साजिश
भगत सिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी दूसरी पत्नी आशा बच्चों को लेकर झगड़ा करती रहती थी। आए दिन बच्चों की वजह से उनकी मारपीट होती थी, इसलिए उन्होंने दोनों बच्चों को मारने की साजिश रची। भगत सिंह अपने दोनों बच्चों को कुएं में लेकर कूद गया। उसको विश्वास था कि कुएं में पानी कम होने की वजह से वह तो बच जाएगा, लेकिन बच्चे डूब जाएंगे। जब बच्चे कुएं में गिरने के बाद भी नहीं डूबे, तो उसने पैर से अपने बच्चों की गर्दन को दबा दिया। सेक्टर-58 थाने में दोनों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला।





