फरीदाबाद में 10वीं की छात्रा ने उम्मीद से कम नंबर आने पर दी जान, रेलवे ट्रैक पर मिली लाश
फरीदाबाद के पल्ला क्षेत्र के हरकेश नगर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां 10वीं क्लास में पढ़ने वाली 15 वर्षीय एक छात्रा ने उम्मीद से कम अंक आने पर रेलवे ट्रैक पर जाकर खुदकुशी कर ली।

फरीदाबाद में पल्ला के हरकेश नगर में दसवीं क्लास में उम्मीद से कम नंबर आने पर 15 वर्षीय एक छात्रा अपने घर से निकल गई। कुछ वक्त बाद छात्रा का शव मेवला महाराजपुर के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। राजकीय रेलवे पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया।
पल्ला के हरकेश नगर निवासी 15 वर्षीय छात्रा ने सीबीएसई दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। छात्रा के पिता गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित एक एक्सपोर्ट कंपनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। छात्रा उनकी इकलौती बेटी थी। 15 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे वह मां से 20 रुपये लेकर घर से निकल गई थी। जब कुछ देर बाद तक वह वापस नहीं आई तो उसकी मां ने उसकी तलाश शुरू की। पल्ला थाना पुलिस ने छात्रा की मां की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया था। जिला पुलिस की मिसिंग सेल भी बच्ची की तलाश में जुटी हुई थी। उधर, 15 अप्रैल को राजकीय रेलवे पुलिस को एक किशोरी का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था।
80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर दिलाने की प्रार्थना की थी
छात्रा ने अपनी कॉपी में भगवान कृष्ण को संबोधित करते हुए परीक्षा के बाद एक नोट भी लिखा था। इसमें लिखा था कि श्री कृष्ण सदा सहायते। धन्यवाद। कृष्ण कन्हैया, मुझे अपना भगत स्वीकार करने के लिए। सदैव मेरे आंसू पोंछने के लिए। हर मोड़ पर मेरे साथ खड़े रहने के लिए। मेरी गलतियों को माफ कर देने के लिए। मुझे गिर के खड़ा करने के लिए। भगवान मुझे पेपर में 80 से ज्यादा प्रतिशत दिलवा दीजिए, ताकि मैं पास नहीं, अपने सपने पूरे कर सकूं।
12वीं के छात्र ने घर में फंदा लगाया
वहीं, फरीदाबाद के ही पल्ला निवासी 12वीं कक्षा के एक छात्र ने भी अपने घर में दरवाजे की कुंडी से चुनरी बांधकर फंदा लगाकर जान दे दी। खुदकुशी का कारण अभी पता नहीं चल सका है। इसे भी परीक्षा परिणाम से जुड़ा मामला माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, करीब 17 वर्षीय छात्र पल्ला इलाके में निजी स्कूल में निजी स्कूल में 12 वीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता दिल्ली स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करते हैं, जबकि मां सेक्टर-28 स्थित एक गारमेंटस कंपनी में नौकरी करती हैं। शुक्रवार को छात्र घर पर अकेला था। दोपहर में जब उसकी बहन स्कूल से लौटी तो देखा कि उसके भाई ने कमरे का दरवाजा बंद किया हुआ है। लोगों की मदद से कमरे के अंदर गए तो छात्र फंदे से लटका हुआ था। पिता ने बताया कि वह पौढ़ी गढ़वाल गया हुआ था। घर में ऐसी कोई बात नहीं थी कि जिससे उनका बेटा परेशान होता। आशंका है कि परीक्षा परिणाम को लेकर ही फंदा लगाया है।
‘बच्चों पर अंकों का दबाव नहीं बनाना चाहिए’
मनोचिकित्सक डॉ. मीनाक्षी मनचंदा का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों को समझाना चाहिए कि जिंदगी से बड़ा कुछ नहीं होता है। परीक्षा में कम अंक आना, दाखिला न मिलना जिंदगी के मुकाबले काफी छोटी चीजें हैं। हमें कभी भी मौका मिल सकता है। कभी भी बेहतर कर सकते हैं। अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। उनसे परीक्षा परिणाम के बारे में बात कर समझाना चाहिए। कभी भी बच्चों पर अंकों का दबाव नहीं बनाना चाहिए।


