फरीदाबाद बना छावनी; मंदिर-मस्जिद समेत 20 अवैध ढांचे जमींदोज
फरीदाबाद प्रशासन ने एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआईटी-3 इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मस्जिद, मंदिर, दुकानों और मकानों सहित करीब 20 अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।

फरीदाबाद के एनआईटी-3 इलाके में कोर्ट और एनजीटी के आदेश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 धार्मिक स्थलों (मस्जिद और मंदिर) समेत करीब 20 अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह तोड़फोड़ अभियान भारी सुरक्षा के बीच रात दो बजे से दोपहर दो बजे तक चला। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। आलम यह था कि अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। इस कार्रवाई से ट्रैफिक प्रभावित हुआ। कांग्रेस विधायक ने भी इसका विरोध किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आरआरटीएस कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए जमीन खाली कराने के लिए की गई। एनजीटी के आदेशों के तहत चलाए गए इस अभियान में दो धार्मिक स्थल (मस्जिद और मंदिर), 8 मकानों और 10 दुकानों समेत कुल 20 अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। ध्वस्त ढांचों से मलबा हटाने का काम जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह अतिक्रमण हटाओ अभियान फरीदाबाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त परमजीत सिंह चहल की देखरेख में तड़के 4 बजे शुरू हुआ। नगर निगम ने इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां कीं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी की देखरेख में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान इलाके में कड़ी निगरानी रखी गई।
हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने शुक्रवार को फरीदाबाद जिले के एनआईटी जोन में एक विशिष्ट दायरे में मोबाइल इंटरनेट, बड़ी संख्या में एक साथ एसएमएस भेजने और डोंगल सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कानून व्यवस्था और जन शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद मस्जिद को हटाये जाने की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया, जिसके बाद वह विरोध में पुलिस अवरोधक के पास बैठ गए। हालांकि कुछ ही देर बाद वह वहां से चले गए। विधायक ने कहा कि यह विकास नहीं, विनाश है। रात दो बजे इस तरह मस्जिद को ढहाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। यह सरासर तानाशाही और मानवता के खिलाफ है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गता ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान एनजीटी के आदेश के अनुपालन में चलाया गया। हमने पहले ही लगभग 60 अवैध ढांचों की सूची एनजीटी को सौंप दी है। अधिकारियों के अनुसार अभियान में करीब 30 मशीनों को लगाया गया था, जिनमें चार बड़ी हाइड्रोलिक मशीनें भी शामिल थीं। बताया जाता है कि रात दो बजे शुरू हुई तोड़फोड़ दोपहर दो बजे तक चली। इस दौरान मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं ताकि अफवाहें ना फैलने पाएं। इस कार्रवाई से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
(हिन्दुस्तान संवाददाता के इनपुट पर आधारित)
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