फरीदाबाद में फिर सुलगी सैलरी वाली चिंगारी, बढ़ा वेतन देने के लिए फार्मा कंपनी में प्रदर्शन
फरीदाबाद के सेक्टर-6 स्थित एक फार्मा कंपनी के कर्मचारियों ने शुक्रवार को बढ़े हुए न्यूनतम वेतन देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारी सुबह कंपनी परिसर के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी कर रहे हैं।

दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सेक्टर-6 स्थित एएनकेडब्ल्यू फार्मा रिटेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों ने शुक्रवार को बढ़े हुए न्यूनतम वेतन देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारी सुबह से ही कंपनी परिसर के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी कर रहे हैं। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कंपनी प्रबंधन ने ऐहतियातन पुलिस को मौके पर बुला लिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि वो अपना वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा वेतन बढ़ती महंगाई के मुकाबले काफी नहीं है। इसी कारण कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है। उन्हें बढ़ा हुआ न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।
शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के बाहर जुट गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए कंपनी परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस ने कर्मचारियों से बात कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया
कंपनी प्रबंधन से इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, कर्मचारी नहीं माने और पुलिस की मौजूदगी में ही प्रदर्शन जारी रहा। वहीं कंपनी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
न्यूनतम वेतन पर उद्योगों में बढ़ा तनाव, कर्मचारी हुए लामबंद
बता दें कि, हरियाणा सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन में करीब 35 फीसदी बढ़ोतरी के बाद जिले के उद्योगों में तनाव बढ़ने लगा है। एक मई से बढ़ा हुआ वेतन लागू करने के आदेश के साथ ही कर्मचारी संगठित होकर कंपनियों पर दबाव बना रहे हैं। दूसरी ओर उद्योगपति कारोबार में मंदी और बढ़ते खर्च का हवाला देकर नई दरें लागू करने में परेशानी जता रहे हैं। फरीदाबाद, पलवल और नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले महीने भी वेतन बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन हुए थे। कुछ जगह कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ने से हिंसा जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। उस समय पुलिस और प्रशासन ने कर्मचारियों को मई से बढ़ा हुआ वेतन दिलाने का भरोसा देकर मामला शांत कराया था। अब मई शुरू होते ही कई कंपनियों में कर्मचारी फिर सक्रिय हो गए हैं।
कई कंपनियां बढ़ा हुआ वेतन देने से बच रहीं
फरीदाबाद में पिछले तीन दिनों से अलग-अलग कंपनियों में प्रदर्शन और नारेबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार की अधिसूचना लागू होने के बाद भी कई कंपनियां बढ़ा हुआ वेतन देने से बच रही हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कारोबार में गिरावट से उद्योग पहले ही दबाव में हैं। उनका कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण निर्यात और ऑर्डर प्रभावित हुए हैं, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। ऐसे में अचानक वेतन बढ़ोतरी लागू करना कई इकाइयों के लिए चुनौती बन गया है।
जिले में करीब 30 हजार छोटे-बड़े उद्योग संचालित हैं। इनमें दस लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। ईएसआईसी में भी करीब आठ लाख कर्मचारियों का पंजीकरण है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि यदि कंपनियों ने जल्द बढ़ा हुआ वेतन लागू नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पिछले महीने मानेसर और नोएडा के प्रदर्शन में हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि पिछले महीने अप्रैल में भी गुरुग्राम के मानेसर, फरीदाबाद, पलवल और नोएडा में अलग-अलग स्थानों पर श्रमिक के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। मानेसर और नोएडा में तो प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। इसमें भारी तोड़फोड़ की गई थी और अनेक लोग घायल हो गए थे। इन घटनाओं के चलते कानून-व्यवस्था बिगड़ गई थी, जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करके स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा था।
रिपोर्ट : सरसमल


