
IS हैंडलर अबू खादिम के संपर्क में था 'AK-47' वाला डॉक्टर, फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल पर नया खुलासा
फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल केस में गुजरात एटीएस को बड़ी लीड मिली है। ऐसी जानकारी हाथ लगी है कि दिल्ली के व्यततम बाजारों में हमले के लिए इन्होंने रेकी की थी। ये सभी संदिग्ध आतंकी आईएस हैंडलर अबू खादिम के संपर्क में थे।
फरीदाबाद में बीते दिन गुजरात एटीएस ने ऑपरेशन के दौरान ऐसे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, जिसमें देश को दहलाने की साजिश रची जा रही थी। फरीदाबाद में दो अलग-अलग जगहों पर 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक मिला। डॉक्टर की आड़ में अहमद मोहियुद्दीन सैयद समेत तीन संदिग्ध आतंकियों को दबोचा गया। अकेले डॉक्टर अहमद के घर से 300 किलो विस्फोटक और एके 47 राइफल बरामद हुई है। अब मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आईएस हैंडलर अबू खादिम के संपर्क में थे।

इस मॉड्यूल के दो संदिग्ध यूपी के हैं और एक हैदराबाद का रहने वाला है। इस मॉड्यूल में कुछ और संदिग्धों के शामिल होने का शक है। जांच एजेंसियों इसे लेकर जांच कर रही हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के राज्यों में भी संदिग्ध आतंकियों के मददगारों की तलाश की जा रही है।
दिल्ली में नेटवर्क फैलाना और तबाही मचाना मकसद
गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी हैदराबाद निवासी डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद, शामली निवासी आजाद सैफी और लखीमपुर खीरी निवासी मोहम्मद सुहेल ये सभी आईएस-खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के हैंडलर अबू खादिम के संपर्क में थे। खादिम दिल्ली में अपने नेटवर्क को फैलाने व तबाही बचाने की साजिश रच रहा था। इसलिए पुलिस इस नेटवर्क के लिए दिल्ली की सूचनाएं एकत्र करने में मदद देने वाले शख्स की तलाश कर रही है। इस काम में खुफिया इकाइयों के अलावा जांच एजेंसियों की टीमें अपने-अपने स्तर पर संदिग्धों के दिल्ली नेटवर्क की तलाश कर रही है। दिल्ली-एनसीआर के तीन संदिग्ध नंबरों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
क्या है आईएसकेपी
आईएस-खुरासान प्रोविंस (ISKP) या इस्लामिक स्टेट – खुरासान प्रोविंस आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) का एक आतंकी संगठन है। इसका नाम “खुरासान” प्राचीन क्षेत्र से लिया गया है, जो आज के अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनता था।
दिल्ली के व्यस्ततम बाजारों में रेकी
आतंकियों ने दिल्ली की आजादपुर फल-सब्जी मंडी में हमले के लिए भी रेकी की थी। इसमें आरोपियों ने अपने दोस्तों की मदद ली थी। इसके साथ ही कई अन्य व्यस्ततम बाजारों की भी रेकी की गई थी।



