
फरीदाबाद में 6 नए रेनीवेल से 20 कॉलोनियों की बुझेगी प्यास, 1 लाख लोगों को मिलेगा भरपूर पानी
एनसीआर के फरीदाबाद शहर में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से यमुना किनारे बनाए जा रहे 6 रेनीवेल का निर्माण कार्य 6 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 20 कॉलोनियों में निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी।
एनसीआर के फरीदाबाद शहर में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से यमुना किनारे बनाए जा रहे 6 रेनीवेल का निर्माण कार्य 6 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 20 कॉलोनियों में निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी। इससे शहर के लगभग एक लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक नगरी में यमुना किनारे लगे 22 रेनीवेल और अलग-अलग इलाकों में लगे 1700 ट्यूबवेलों के जरिये रोज 330 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है, जबकि मांग 450 एमएलडी है। इसकी पाइपलाइन जब यमुना से चलती है तो पूर्वी हिस्से के तमाम कॉलोनियों व सेक्टरों को पानी की सप्लाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर एनआईटी की तरफ बढ़ती है। एनआईटी और बड़खल आखिरी जोर पर पड़ता है। इसलिए यहां पानी कम पहुंच पाता है, क्योंकि ज्यादातर पानी पूर्वी हिस्से में ही बंट जाता है, जिससे गर्मी बढ़ने के साथ पानी की किल्लत शुरू हो जाती है।
इन इलाकों में ज्यादा समस्या
शहर में पेयजल की समस्या सबसे ज्यादा एनआईटी और बड़खल क्षेत्र में है। सेक्टर-25 जलघर से पानी सेक्टर-55, 22, 23, संजय कॉलोनी, प्रतापगढ़, एसजीएम नगर, सैनिक कॉलोनी, जीवन नगर, राजीव कॉलोनी तक जाता है, लेकिन इस बूस्टर में पानी इतना कम आता है कि सभी इलाकों में तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में कुछ लोग ट्यूबवेल का खारा पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियां होती हैं तो कुछ लोग प्राइवेट टैंकर मंगवा कर काम चलाते हैं।
लालपुर और मिर्जापुर गांव में रेनीवेल बन रहे
लोगों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए एफएमडीए की ओर से गांव लालपुर, मिर्जापुर और मंझावली सहित कई गांव में 12 रेनीवेल लगाए जा रहे हैं। इनमें से छह रेनीवेल का निर्माण कार्य जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक की क्षमता 10 एमएलडी होगी। इन रेनीवेल के चालू होने से एनआईटी सहित करीब 20 कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे लोगों को स्वच्छ पानी मिल सकेगा।
प्राइवेट टैंकरों पर निर्भरता
एनआईटी और बड़खल सहित कई कॉलोनियों में पानी की भारी कमी होने के कारण प्राइवेट टैंकरों का धंधा खूब फल-फूल रहा है। सुबह 5 बजे से संबंधित इलाकों में टैंकर पहुंचने शुरू हो जाते हैं। नलों में पानी न आने से लोगों को मजबूरीवश टैंकरों से पानी खरीद कर काम चलाना पड़ता है।
विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए, ''रेनीवेल का निर्माण तेजी से चल रहा है। हमारा प्रयास है कि छह माह में काम पूरा कर इन्हें चालू कर दिया जाएगा, जिससे शहर में करीब 60 एमएलडी पानी और बढ़ जाएगा।''





