एयरफोर्स का पूर्व जवान, PG-दुकान और कई मकान; कहां तक फैला हरिराम गुप्ता का एम्पायर
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में गिरफ्तार किए गए हरिराम गुप्ता पूरी तरह संपन्न हैं। उनका परिवार गुरुग्राम में रहता है। वह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं। उनका एक बेटा पायलट है तो दूसरा बेटा हार्डवेयर की दुकान चलाता है। उनके कई और मकान भी हैं।

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने सत्य निकेतन हादसे के बाद गिरफ्तार पीजी मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। तीनों को सोमवार देर रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया था। रविवार 6 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे सत्य निकेतन में एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई थी।
बता दें कि, 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेट हैं और दिल्ली से लेकर गुरुग्राम तक उनके परिवार की कई संपत्तियां हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया था।
एक बेटा है पायलट
पुलिस के मुताबिक, हरिराम गुरुग्राम के सेक्टर-23 के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि गुरुग्राम में इस परिवार की हरि पेंट्स एंड हार्डवेयर नाम से एक दुकान भी है, जिसे हरिराम का बेटा महेश गुप्ता चलाता है। हरिराम का एक और बेटा है, जो पायलट है।
परिवार के पड़ोसियों के मुताबिक, इमारत के ढहने की खबर आते ही परिवार घर छोड़ कर चला गया था और उनके घर पर ताला लग गया था और महेश की पेंट की दुकान, 'हरि पेंट्स', घटना के कुछ ही घंटों के भीतर बंद हो गई।
एक पड़ोसी ने दावा किया कि हरिराम के पास गुरुग्राम में कम से कम चार और प्रॉपर्टी हैं, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें सत्य निकेतन की इमारत के बारे में कुछ नहीं पता था।
पत्नी के नाम पर थी पीजी वाली प्रॉपर्टी
पुलिस ने पहले यह बताया था कि पीजी वाली बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता हैं। एक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि बाद में जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी उनकी उर्मिला गुप्ता के नाम पर है, जबकि इसका प्रबंधन और संचालन हरिराम गुप्ता तथा उनके बेटे महेश गुप्ता द्वारा किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, हादसे वाली इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर हैं। यह एक बॉयज 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) था।
बिल्डिंग सील किए जाने के दावों की जांच कर रही पुलिस
पुलिस इन दावों की भी पुष्टि कर रही है कि क्या इमारत को पिछले साल सील कर दिया गया था। हालांकि, दिल्ली नगर निगम ने इस बात से इनकार किया है कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई थी।
रेंट एग्रीमेंट की भी हो रही जांच
एक पुलिस सूत्र ने कहा कि लगभग 55 वर्गमीटर में फैली इस बिल्डिंग में कोई खंभा और बीम नहीं था। सूत्र ने कहा कि रेंट एग्रीमेंट की एक कॉपी भी पुलिस जांच के दायरे में है, जिसमें मालिक को जिम्मेदारी से मुक्त करने वाला एक क्लॉज शामिल है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हरिराम का परिवार इस इलाके में किसी अन्य पीजी का मालिक है या उसका संचालन करता है।
इन आरोपों में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
अधिकारी ने कहा कि पीजी संचालकों और श्रमिक ठेकेदार की तलाश की जा रही है। मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के तहत पेइंग गेस्ट आवास चलाने और बेसमेंट में चल रहे काम में परिवार की भूमिका की छानबीन की जा रही है। बेसमेंट में चल रहे नवीकरण कार्य ही संभवतः इमारत के ढहने का कारण बना।


