'गले की नस पर हल्का दबाव भी जानलेवा हो सकता है'; CM गुप्ता पर हमले के मामले में HC की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान तहसीन रजा शेख के वकीलों ने कहा कि तहसीन के खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप इस आधार पर लगाया गया है कि उसने राजेशभाई को 2 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। जबकि वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में दो आरोपियों द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में उन्होंने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ 'हत्या के प्रयास' और 'आपराधिक साजिश' के तहत आरोप तय करने के फैसले को चुनौती दी। साथ ही बताया कि हत्या की कोशिश की धारा मूल FIR में नहीं थी, उसे बाद में चार्जशीट में जोड़ा गया। ये याचिकाएं मुख्य आरोपी राजेशभाई खिमजीभाई साकरिया और सह-आरोपी तहसीन रजा शेख ने दायर की हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील देते हुए कहा कि हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश की धाराओं को सही ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं है। उनकी दलीलें सुनने के बाद जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा, 'यह मुद्दा उतना सीधा नहीं है जितना वकील दलील दे रहे हैं। गर्दन की नस (जुगुलर वेन) पर हल्का सा दबाव भी जानलेवा हो सकता है।' इसके बाद जस्टिस भंभानी ने आरोपियों के वकील और दिल्ली पुलिस से सोमवार तक एक संक्षिप्त नोट दायर करने को कहा, साथ ही मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की।
हत्या की कोशिश के अपराध के लिए पर्याप्त सबूत नहीं: आरोपी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की यह घटना 20 अगस्त 2025 को उनके सरकारी आवास पर एक जनसुनवाई के दौरान हुई थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान राजेशभाई के वकील ने अदालत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास का अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, क्योंकि MLC (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट में चोट की प्रकृति को 'सामान्य' बताया गया है। यहां तक कि शिकायतकर्ता सुरक्षाकर्मियों ने भी ऐसे कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
'हत्या के प्रयास की धारा चार्जशीट में जोड़ी गई'
इसके बाद राजेशभाई के वकील ने कहा कि FIR में ऐसे कोई आरोप दर्ज नहीं किए गए थे। हत्या की कोशिश की धारा आरोप पत्र (चार्जशीट) में जोड़ी गई थी। वकील ने कहा कि आरोपी राजेशभाई द्वारा गला दबाने (थ्रॉटल दबाने) का कोई कृत्य नहीं किया गया था। उधर दिल्ली पुलिस के वकील ने दलील दी कि एक पुरुष और एक महिला की शारीरिक ताकत में अंतर होता है।
'गले की नस पर हल्का सा दबाव भी जान ले सकता है'
मामले में दलीलें सुनने के बाद जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा, 'आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता (CM) का गला दबाकर उन्हें मारने की कोशिश की। क्योंकि गले की जुगुलर नस (गर्दन की मुख्य नस) पर हल्का सा दबाव भी जानलेवा हो सकता है।' इसके बाद उन्होंने कहा, यह मुद्दा उतना सीधा नहीं है जितना याचिकाकर्ताओं के वकील दलील दे रहे हैं।
रजा के वकील बोले- वह तो मौके पर भी नहीं था
वहीं सुनवाई के दौरान तहसीन रजा शेख के वकीलों ने कहा कि तहसीन के खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप इस आधार पर लगाया गया है कि उसने राजेशभाई को 2 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। जबकि वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था। उसे घटना के 4 दिन बाद, राजेशभाई के खुलासे के आधार पर गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया गया था।
पिछले साल निचली अदालत ने तय किए थे आरोप
बता दें कि इस मामले में 20 दिसंबर को, तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली CM पर हमले के मामले में आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई और सैयद तहसीन रजा के खिलाफ आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप तय किए थे।
कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में, दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला बनता है। कोर्ट ने अदालत के सामने पेश की गई दलीलों और सबूतों पर विचार करने के बाद, आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साज़िश, हत्या की कोशिश और अन्य अपराधों के तहत आरोप तय किए।
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