काम की बात: दिल्ली में 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत वालों का कितना बढ़ेगा बिल, समझें PPAC का गणित

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

दिल्ली में 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वालों पर पीपीएसी चार्ज 3 फीसदी बढ़ गया है। पीपीएसी की जो लिमिट पहले 14.5 प्रतिशत थी, अब वो बढ़कर 17.5 प्रतिशत हो गई है। जानिए इस बढ़ोतरी का आपके बिजली बिल पर कितना असर होगा।

दिल्ली में 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत वालों का कितना बढ़ेगा बिल, समझें PPAC का गणित

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा पीपीएसी (पावर परचेज एडजसटमेंट कॉस्ट) बढ़ाने का असर दिल्ली सरकार से बिजली सब्सिडी (200 यूनिट तक) का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। 200 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर पीपीएसी शुल्क लगभग तीन फीसदी बढ़ाया गया है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों से ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे बिजली खरीद की लागत लगभग 31 प्रतिशत बढ़ गई है। सूद ने कहा कि पीपीएसी कोई नई व्यवस्था नहीं है। इसके माध्यम से बिजली कंपनियां ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत बिल में एडजस्ट करती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के प्रयासों से उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव बहुत कम रखा गया है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पीपीएसी की सीमा 31 मार्च तक 14.5 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 17.5 प्रतिशत किया गया है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पर ज्यादा भार पड़ेगा

दिल्ली में डीईआरसी की ओर से बढ़ाए गए पावर परचेजिंग एडजेस्टमेंट चार्ज (पीपीएसी) से सबसे ज्यादा भार बीआरपीएल (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ज्यादा उपभोक्ता) के ग्राहकों पर पड़ेगा।

बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के ग्राहकों का पीपीएसी सबसे ज्यादा बढ़ाया गया है। उधर, ऊर्जा मंत्री आशीष सूद का कहना है कि सरकार ने पूरा प्रयास किया है कि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उनके प्रयासों से पीपीएसी में औसतन लगभग 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि बिजली कंपनियों को 31 फीसदी महंगी बिजली मिल रही है। बिजली कंपनियों की तरफ से डीईआरसी के समक्ष अपील कर बताया गया था कि बीते अप्रैल माह से बिजली का खर्च बढ़ा है, जिसके चलते उन्होंने पीपीएसी बढ़ाने की मांग रखी थी।

अप्रैल में बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड) ने 31 फीसदी, बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड) ने 35 फीसदी जबकि टीपीडीडीएल (टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) ने 16 फीसदी महंगी बिजली खरीदने की जानकारी दी थी। इसलिए डीईआरसी ने बीआरपीएल को पीपीएसी 17.94 फीसदी, बीवाईपीएल को 17.43 फीसदी जबकि टीपीडीडीएल को 16 फीसदी करने की अनुमति दी है। अभी यह 14.5 फीसदी है।

Delhi Power PPAC Rates

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि आखिरी बार 30 सितंबर 2021 को डीईआरसी ने टैरिफ ऑर्डर पास किया था। इसलिए डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियां) जो अभी पीपीएसी वसूल रही हैं, वह सितंबर 2021 को बिजली की खरीद कीमत और मौजूदा साल के महीनों में बिजली की कीमत के बीच का अंतर है। डिस्कॉम अभी जो पीपीएसी वसूल रही हैं, वह पिछले लगभग पांच सालों में बिजली की लागत में हुई बढ़ोतरी को दिखाता है। दिल्ली की तीन बिजली वितरण कंपनियों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट के दबाव के कारण ईंधन और खरीद की लागत बढ़ने का हवाला देते हुए टैरिफ में राहत की अपनी-अपनी मांगें रखीं। लेकिन सरकार ने निर्णायक कदम उठाए और यह सुनिश्चित किया कि डीईआरसी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले कुल असर को सिर्फ 2.4 प्रतिशत तक सीमित रखे। इससे प्रभावी पीपीएसी लगभग 17.9 फीसदी पर रहा, जबकि दिल्ली के हर घर पर 31 फीसदी तक का बोझ पड़ सकता था।

कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीपीएसी देशभर में लागू एक सामान्य नियामक व्यवस्था है। कुछ लोग इस विषय पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डीईआरसी के आदेश में बिजली वितरण कंपनियों के लिए लागत की वसूली को चरणबद्ध तरीके से करने का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव कम से कम पड़े।

400 यूनिट तक नहीं पड़ेगा ज्यादा असर : मंत्री

सूद ने कहा कि 400 यूनिट प्रतिमाह तक बिजली खपत करने वालों पर असर ज्यादा नहीं पड़ेगा। 200 यूनिट तक इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं का बिल नहीं आता। वहीं, 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को 850 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, जिससे उन पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

व्यापारियों में नाराजगी, मुख्यमंत्री को पत्र भेजा

पीपीएसी में बढ़ोतरी की मंजूरी इसे लेकर व्यापारियों और उद्यमियों ने नाराजगी जताई है। व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) का कहना है कि बिजली महंगी होने के कारण दुकानदारों और फैक्टरी मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र भेजकर बढ़ोतरी नहीं करने की मांग की है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।