पुरानी EV पॉलिसी से कैसे बेहतर नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, सीएम ने गिनाई खूबियां
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने नई ईवी पॉलिसी-2026 को पुरानी नीति से बेहतर बताते हुए कहा कि नई नीति 2030 तक अनिवार्य विद्युतीकरण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करती है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई ईवी पॉलिसी-2026 को को पुरानी नीति से बेहत बताया है। उन्होंने कहा कि 2020 में भी पिछली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी पॉलिसी लागू की थी। इसने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में भूमिका निभाई लेकिन समय के साथ साफ हो गया कि केवल प्रोत्साहन देकर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। मौजूदा वक्त में ऐसी व्यापक नीति की जरूरत है जो दिल्ली के पूरे परिवहन तंत्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में आगे लेकर जाए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसी सोच के साथ नई ईवी पॉलिसी-2026 बनाई है। यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं है। यह नीति मार्च 2030 तक के स्पष्ट रोडमैप के साथ परिवहन व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव, चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और विभिन्न वाहन श्रेणियों के चरणबद्ध विद्युतीकरण का व्यापक विजन प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती नीति मुख्य रूप से प्रोत्साहन आधारित थी और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना पूरी तरह स्वैच्छिक था। नई सरकार ने इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए प्रोत्साहनों के साथ विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए चरणबद्ध अनिवार्य विद्युतीकरण का स्पष्ट कार्यक्रम तैयार किया है। इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 30,000 रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन जारी रखा गया है। इसके साथ पहली बार पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं, एक अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में किया जाएगा।
पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर मिलेगी आर्थिक मदद
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि तिपहिया वाहनों के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। जहां पहले खरीद प्रोत्साहन 30 हजार रुपये तक था, वहीं नई नीति में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर दिया गया है। पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर 25 हजार रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही 1 जनवरी 2027 से एल-5 श्रेणी के नए ऑटो रिक्शा का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में किया जाएगा जिससे इस श्रेणी में पूरा इलेक्ट्रिक बदलाव सुनिश्चित होगा।
पहली बार माल ढोने वाले वाहनों के लिए प्रावधान
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति में पहली बार माल ढोने वाले वाहनों के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। पहले केवल सीमित संख्या में ई-कार्गो वाहनों को प्रोत्साहन और कुछ मार्गों पर नो-एंट्री समय से छूट का प्रावधान था। अब एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन, पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ, एन-1 वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक पंजीकरण का प्रावधान और शुरुआती 1,000 एन-2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को विशेष नो-एंट्री छूट दी जाएगी।
पहली बार स्कूल परिवहन शामिल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई नीति की एक और खासियत यह है कि इसमें पहली बार स्कूल परिवहन को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। साल 2030 तक स्कूल बस बेड़े के 30 फीसदी हिस्से को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूर्ववर्ती नीति में चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने पर जोर था लेकिन नई सरकार ने इसे और व्यापक बनाते हुए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके साथ सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए बड़े पैमाने पर चार्जिंग नेटवर्क के विकास के लिए प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी।
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