दिल्ली पुलिस के 8 अधिकारियों का पद बढ़ा, DIG के रैंक पर प्रमोट किए गए

Dec 19, 2025 08:41 pm ISTSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस के 8 अधिकारियों को डीआईजी के रैंक पर प्रमोट किया गया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को आदेश जारी किया गया। इनमें 7 ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो वर्तमान में दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर कार्यरत हैं।

दिल्ली पुलिस के 8 अधिकारियों का पद बढ़ा, DIG के रैंक पर प्रमोट किए गए

दिल्ली पुलिस के 8 अधिकारियों को डीआईजी के रैंक पर प्रमोट किया गया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को आदेश जारी किया गया। इनमें 7 ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो वर्तमान में दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर कार्यरत हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक आदेश के अनुसार, दिल्ली पुलिस के 8 अधिकारियों को पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के रैंक पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों में 7 वर्तमान में दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर कार्यरत हैं।

प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में डीसीपी सेंट्रल निधिन वलसन, डीसीपी ईस्ट अभिषेक धनिया, डीसीपी नॉर्थवेस्ट भीष्म सिंह, डीसीपी रोहिणी राजीव रंजन और डीसीपी नई दिल्ली देवेश कुमार महला के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा पुलिस मुख्यालय के डीसीपी राकेश पावरिया, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के डीसीपी रवि कुमार सिंह और दिल्ली पुलिस अकादमी के उप निदेशक के पद पर कार्यरत मोहम्मद अली को भी पदोन्नत किया गया है।

आदेश के अनुसार, ये पदोन्नतियां 8 दिसंबर को हुई स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के बाद की गई हैं। आदेश में कहा गया है कि स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा 8.12.2025 को आयोजित बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर एजीएमयूटी कैडर के निम्नलिखित आईपीएस अधिकारियों को 1 जनवरी 2026 से या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से, जो भी बाद में हो, डीआईजी ग्रेड (पे मैट्रिक्स में लेवल 13-ए) में पदोन्नत किया जाता है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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