19 हजार घर खरीदारों से हड़पे 2 हजार करोड़ रुपए; दिल्ली की रियल एस्टेट कंपनी पर ED की छापेमारी

Aditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, हिन्दुस्तान टाइम्स
share

दिल्ली स्थित रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (EIL) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है।

19 हजार घर खरीदारों से  हड़पे 2 हजार करोड़ रुपए; दिल्ली की रियल एस्टेट कंपनी पर ED की छापेमारी

दिल्ली स्थित रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (EIL) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। एजेंसी के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि इस कंपनी पर 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2024.45 करोड़ रुपए वसूलने का आरोप है। कंपनी ने निवेशकों को समय पर डिलीवरी देने और साथ ही रिटर्न का वादा किया था। हालांकि, कंपनी अपने इन वादों को पूरा नहीं किया और निवेशकों के करोड़ों रुपये फंस गए। ऐसे में अब मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों के तहत कंपनी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

ईडी ने शुक्रवार को दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनी के प्रमोटरों और सहयोगियों से जुड़े दस ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने 6.3 करोड़ नकद, लगभग 7.5 करोड़ मूल्य के गहने, चांदी की सिल्लियां और कई लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं।

अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (EIL) और उसकी समूह संस्थाओं के खिलाफ EOW की तरफ से दर्ज की गई पांच FIR दर्ज की गई थी। इसी के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच की जा रही है। इन एफआईआर में कंपनी और उसके निदेशकों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेन ऑफिस (SFIO) ने भी अर्थ ग्रुप के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की है।

ईडी की जांच में क्या आया सामने?

ED के अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया है कि अर्थ ग्रुप ने अपनी कंपनी 'अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' और अन्य सहयोगी संस्थाओं के जरिए दिल्ली-NCR, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ में 'अर्थ' ब्रांड के तहत कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे।इनमें प्रमुख प्रोजेक्ट्स में अर्थ टाउन, अर्थ सफायर कोर्ट, अर्थ कोपिया, अर्थ टेक-वन, अर्थ आइकॉनिक, अर्थ टाइटेनियम, अर्थ इलाकासा, अर्थ ग्रेसिया और अर्थ स्काईगेट शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी और 'निश्चित रिटर्न' का झांसा देकर 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2024.45 करोड़ की भारी रकम जुटाई गई थी। हालाांकि भारी-भरकम एडवांस रकम वसूलने के बावजूद, कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट्स या तो अधूरे छोड़ दिए गए या निवेशकों को उनका मालिकाना हक कभी दिया ही नहीं गया।

कहां गए निवेशकों के पैसे?

जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि जनता से लूटे गए इस पैसे का इस्तेमाल बेहद गलत तरीके से किया गया। गबन किए गए करोड़ों रुपयों को समूह की दूसरी कंपनियों और प्रमोटरों के परिवार वालों के नाम पर गुरुग्राम, दिल्ली और राजस्थान में कीमती जमीनें खरीदने में लगा दिया गया। इतना ही नहीं, पैसों को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया, परिवार के उन सदस्यों को भारी वेतन दिया गया जो कंपनी में कोई काम नहीं करते थे।

Aditi Sharma

लेखक के बारे में

Aditi Sharma

अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


विस्तृत बायो

डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।


उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।


तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।