विदेश से करोड़ों रुपए जुटाए और करने लगे धर्मांतरण; राजस्थान में पादरी के दो ठिकानों पर ED का छापा

पीटीआई, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि यह जांच 2 करोड़ रुपए से ज्यादा के विदेशी चंदे के गलत इस्तेमाल से जुड़ी है। जो कि FCRA रजिस्ट्रेशन के बिना और बताए गए उद्देश्य के अलावा अन्य कामों के लिए लिया गया था। 

राजस्थान में पादरी के दो ठिकानों पर ED की छापेमारी, धर्मांतरण के लिए विदेश से करोड़ों रुपए लेने का आरोप
राजस्थान में पादरी के दो ठिकानों पर ED की छापेमारी, धर्मांतरण के लिए विदेश से करोड़ों रुपए लेने का आरोप

ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक पादरी के दो ठिकानों पर छापेमारी की है। पादरी पर आरोप है कि उसने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने और धर्म-परिवर्तन की गतिविधियां चलाने के लिए FCRA (फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) रजिस्ट्रेशन के बिना गलत तरीके से विदेश से धन प्राप्त किया था। ईडी ने शनिवार को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई 21 अगस्त को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत जयपुर में की गई। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए।

ED ने कहा कि उसने एक खुफिया जानकारी के आधार पर 'होप मिनिस्ट्री' से जुड़े प्रोटेस्टेंट मिशनरी के पादरी रवि मोहन पहाड़िया के खिलाफ इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिन्होंने अवैध रूप से विदेशों से दो करोड़ रुपए से ज्यादा हासिल किए थे। ईडी के अनुसार यह धन मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले थॉमस यूजीन लिंच नामक दानदाता से मिला था और इसका इस्तेमाल जयपुर में SC-वाल्मीकि और दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल इलाकों में ST-भील समुदायों के बीच धर्म प्रचार और धर्म परिवर्तन की गतिविधियों के लिए किया गया।

कुछ और वजह बता ली थी धनराशि

ED ने बताया कि पहाड़िया और उनकी पत्नी गुंजन शर्मा ने विदेशों से कुल 2.34 करोड़ रुपए की फंडिंग ली थी और इसे लेने का मकसद 'बिजनेस और मैनेजमेंट कंसल्टेंसी' और 'पब्लिक रिलेशंस सर्विसेज' बताया था, साथ ही इसे भारत में न रहने वाले भारतीयों (NRI) से परिवार के खर्च और बचत के लिए आया पैसा (इनवर्ड रेमिटेंस) बताया था। हालांकि इस पैसे का इस्तेमाल उन्होंने किसी और काम में किया।

निजी खर्चों और विदेश यात्रा में लगाया धन

ED के आरोपों के अनुसार पहाड़िया ने FCRA की मंजूरी के बिना कुल 2.88 करोड़ रुपए का विदेशी चंदा लिया और इस पैसे का इस्तेमाल निजी खर्चों, विदेश यात्रा और प्रॉपर्टी खरीदने में किया। एजेंसी का दावा है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पहाड़िया लगातार विदेशी नागरिकों के संपर्क में थे और उनके कहने पर अलग-अलग राज्यों में वंचित व आदिवासी लोगों के बीच धर्म-प्रचार की गतिविधियों के लिए बैठक व धार्मिक सभाएं आयोजित करते थे।

विदेश से धन पाने के लिए FCRA की अनुमति जरूरी

FCRA भारत में विदेशी स्रोतों से मिलने वाले विदेशी चंदे को लेने और उसके इस्तेमाल को रेगुलेट करता है और इस बारे में सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, इस कानून को गृह मंत्रालय (MHA) लागू करता है, जो कि मुख्य तौर पर तीन काम करता है। पहला वह यह तय करता है कि कौन, किन शर्तों पर विदेशी चंदा ले सकता है। दूसरा वह यह बताता है कि उस पैसे को कैसे लिया जाए और उसका हिसाब-किताब कैसे रखा जाए और उसकी रिपोर्ट कैसे दी जाए। वहीं उसका तीसरा काम विदेशी फंडिंग वाली कुछ खास गतिविधियों पर रोक लगाना है, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा या कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsविदेश से करोड़ों जुटा करने लगे धर्मांतरण;जयपुर में पादरी के ठिकाने पर ED का छापा