ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड के लिए 1550 करोड़ का बजट मंजूर, फरीदाबाद के इन इलाकों से गुजरेगा रास्ता
East-West Elevated Road Faridabad : जाम की समस्या से जूझ रहे फरीदाबाद के लिए राहत की खबर है। एनआईटी से ग्रेटर फरीदाबाद को जोड़ने के लिए प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट ऐलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 1550 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दिए जाने से जाम से मुक्ति की उम्मीद जगी है।

जाम की समस्या से जूझ रहे फरीदाबाद शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। एनआईटी से ग्रेटर फरीदाबाद को जोड़ने के लिए प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट ऐलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 1550 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दिए जाने से जाम से मुक्ति की उम्मीद जगी है। इससे जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।
8 जगहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे
ईस्ट-वेस्ट परियोजना के तहत 8 जगहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें बड़खल गांव के ऊपर से एक फ्लाईओवर निकाला जाएगा। दूसरा फ्लाईओवर सैनिक कॉलोनी मोड़ पर गुरुग्राम रोड से उतरते बड़खल रोड तक बनाया जाएगा है। तीसरा फ्लाईओवर बड़खल गांव में पार करते हुए झील के साथ बनाया जाएगा। चौथा फ्लाईओवर अनखीर चौक पर होगा। सैनिक कॉलोनी से दो कनेक्टिड फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। वहीं एक फ्लाईओवर सैनिक कॉलोनी से ईएसआईसी चौक तक बनेगा। दूसरा फ्लाईओवर सैनिक कॉलोनी से प्याली चौक, हार्डवेयर चौक से बाटा चौक तक बनेगा। यहां से दिल्ली की तरफ जाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अजरौंदा चौक स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास अंडरपास बनाया जाएगा। बाटा रेलवे ओवर ब्रिज पर राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ उतरते समय स्लिप रोड का निर्माण किया जाएगा।
अनखीर चौक जंक्शन के रूप में विकसित होगा
ईस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट की डीपीआर के तहत अनखीर चौक को जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। बड़खल गांव के ऊपर निकलने वाला फ्लाईओवर यहां जुड़ेगा। इसके अलावा सुरजकुंड-गुरुग्राम रोड भी यहीं जुड़ेगी। यही मार्ग आगे राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने का कार्य करेगा, जिससे यहां ट्रैफिक का भारी दबाव रहने की उम्मीद है।
सैनिक कॉलोनी से ग्रेटर फरीदाबाद को जोड़ने के लिए सीधी सड़क नहीं
बता दें कि, स्मार्ट सिटी में सैनिक कॉलोनी से ग्रेटर फरीदाबाद को जोड़ने के लिए अभी कनेक्टिविटी का काफी अभाव है। दोनों क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए अभी कोई सीधी सड़क नहीं है। इस कारण वाहन चालकों को ग्रेटर फरीदाबाद पहुंचने के लिए कई जगहों के चक्कर काट कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इस दौरान उन्हें लंबे जाम से भी जूझना पड़ता है, जिससे मिनटों का समय एक घंटे में तय होता है।
डेढ़ साल से सीएम कार्यालय में धूल फांक रही थी फाइल
एफएमडीए ने इस समस्या के समाधान के लिए दो साल पहले ईस्ट-वेस्ट परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया था। डेढ़ साल से फाइल सीएम कार्यालय में धूल फांक रही थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सोमवार को विधानसभा के पेश किए गए बजट में परियोजना के लिए फंड की घोषणा की गई, जिससे शहर के विकास को पंख लगने की उम्मीद है।
प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, ''ईस्ट-वेस्ट परियोजना की डीपीआर पहले ही मंजूर हो चुकी है। पिछले काफी समय से फंड के अभाव में परियोजना का काम रुका हुआ था। बजट सत्र में फंड की घोषणा से योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।''



