द्वारका एक्सप्रेसवे पर यशोभूमि टनल में लुटेरी महिलाओं का गैंग सक्रिय, लिफ्ट लेकर कारोबारी को लूटा
दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित आधुनिक सुरक्षा सिस्टम से लैस यशोभूमि टनल में वाहन चालकों को लूटने वाली महिलाओं का गैंग सक्रिय हो गया है। इस गैंग ने गुरुग्राम के कारोबारी को उसकी गाड़ी में बंधक बनाकर लूट लिया और शिकायत करने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी।

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित आधुनिक सुरक्षा सिस्टम से लैस यशोभूमि टनल में वाहन चालकों को लूटने वाली महिलाओं का गैंग सक्रिय हो गया है। इस गैंग ने गुरुग्राम के कारोबारी आनंद सिंह राठौर को उसकी गाड़ी में बंधक बनाकर लूट लिया और शिकायत करने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 19 सितंबर को पीड़ित कारोबारी मलचा मार्ग स्थित स्टारबक्स शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में मीटिंग करके लौट रहे थे। इसी दौरान महिपालपुर फ्लाईओवर के अंत में तीन महिलाएं अचानक उनकी गाड़ी के सामने आ गईं। बारिश होने के कारण वहां कोई कैब उपलब्ध नहीं थीं। महिलाओं ने लिफ्ट मांगी और राठौर ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूरी चलने के बाद महिलाओं ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। पीड़ित ने विरोध किया तो महिलाओं ने उसकी चैन लूट ली और धमकी दी कि शिकायत की स्थिति में वह उसे दुष्कर्म के मामले में फंसा देंगी। पीड़ित ने अपने मोबाइल फोन में इस पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
टनल के बाहर महिलाओं ने गाड़ी रोककर उतरकर फरार हो गईं। पीड़ित घर पहुंचने के बाद परिजनों को घटना बताई, लेकिन तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। कुछ दिनों बाद परिजनों ने अपने वकील को घटना की वीडियो दिखाई, जिसके बाद 30 सितंबर को वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस घटना ने टनल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे की यह सवा तीन किलोमीटर लंबी सुरंग केवल चार पहिया वाहनों के लिए बनाई गई थी और इसमें बाइक या दोपहिया वाहन ले जाने पर पाबंदी है। इसके बावजूद यहां पर दोपहिया वाहन अक्सर दौड़ते देखे जाते हैं।
सवाल : कंट्रोल रूम में क्यों नहीं मिला अलर्ट
यशोभूमि टनल द्वारका एक्सप्रेसवे पर बनी सवा तीन किलोमीटर लंबी देश की सबसे लंबी और चौड़ी शहरी सड़क सुरंग है। यह दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर को दिल्ली एयरपोर्ट और एनएच-48 से जोड़ती है। यशोभूमि टनल में आधुनिक सीसीटीवी और कंट्रोल रूम होने के बावजूद गैंग की गतिविधियों का कंट्रोल रूम को अलर्ट क्यों नहीं मिला, यह बड़ा सवाल है। टनल का भविष्य में यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उपयोग किया जाना है, ऐसे में सुरक्षा को लेकर गंभीर जांच की जरूरत है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और आरोपी महिलाओं की पहचान व गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।


