
द्वारका एक्सप्रेसवे पर 40% घटी गाड़ियां, महंगे टोल टैक्स बचने को दूसरे रास्ते ढूंढ रहे लोग
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। पहले रोजाना इस टोल प्लाजा से 90 से एक लाख वाहन निकल रहे थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर 60 से 62 हजार पहुंच गई है।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। पहले रोजाना इस टोल प्लाजा से 90 से एक लाख वाहन निकल रहे थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर 60 से 62 हजार पहुंच गई है। मंगलवार को यह संख्या और कम हो गई। इसका मुख्य कारण टोल टैक्स अधिक होना बताया जा रहा है।

वाहन चालकों का कहना है कि कार से 220 रुपये टोल टैक्स वसूला जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने रविवार से बिजवासन टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूलना शुरू किया है।
छुट्टी का दिन होने के कारण भी करीब 80 हजार वाहन इस टोल प्लाजा से पहले दिन निकले। दूसरे दिन यानि सोमवार को इस टोल प्लाजा से वाहनों के निकलने की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली। करीब 60 हजार वाहन ही यहां से निकले। मंगलवार को संख्या में और गिरावट दर्ज की गई।
लोगों ने वैकल्पिक मार्गों को तलाशा : बिजवासन टोल से बचने के लिए लोगों ने वैकल्पिक मार्गों को तलाशना शुरू कर दिया है। गुरुग्राम और दिल्ली के बीच चल रही स्कूल बसों ने द्वारका एक्सप्रेसवे की बजाय दोबारा राघोपुर रोड से आवागमन शुरू कर दिया है। इस रोड की हालत खराब होने के कारण बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रोड पर गहरे-गहरे गड्ढे बने हैं। सारा दिन धूल उड़ती रहती है।
वहीं, कॉमर्शियल गाड़ियों ने खेड़की दौला टोल प्लाजा से द्वारका एक्सप्रेसवे पर मुड़ने के बजाय दिल्ली-जयपुर हाईवे से निकलना शुरू कर दिया है। इस हाईवे पर टोल नहीं है। इस कारण सिरहौल बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। इससे यहां पर जाम की समस्या हो सकती है। बॉर्डर पर परेशानी बढ़ सकती है।

बिजवासन टोल पर अब आसपास के गांवों को राहत नहीं
एनएचएआई ने रविवार को ऐलान किया था कि बिजवासन टोल प्लाजा पर तीन दिन तक 20 किलोमीटर के दायरे में रह रहे लोगों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। मंगलवार को आखिरी दिन था। बुधवार से वाहन चालकों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार को भी टैग रीडर में दिक्कत रही। इस वजह से लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। सुबह और शाम के समय वाहनों की संख्या अधिक होने के चलते वाहनों की लाइन लग गई। एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि अगले एक सप्ताह के अंदर मशीन सही ढंग से काम करने लगेंगी।



