द्वारका एक्सप्रेसवे होगा हरा-भरा! दोनों ओर 15-15 KM क्षेत्र में लगेंगे फल-छायादार पौधे
Gurugram News : द्वारका एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ जीएमडीए 15-15 किमी के दायरे में ग्रीन बेल्ट विकसित करने जा रहा है। इस योजना के तहत फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे, जिस पर ₹8 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

Gurugram News : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने द्वारका एक्सप्रेसवे का ग्रीन बेल्ट विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में पर्यावरण शाखा की तरफ से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। पौधरोपण पर करीब 8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने द्वारका एक्सप्रेसवे को विकसित किया है। एक्सप्रेसवे के डिवाइडर में तो एनएचएआई की तरफ से ग्रीन बेल्ट का रखरखाव किया जा रहा है। एनएचएआई सड़क और जीएमडीए की सर्विस रोड के बीच में ग्रीन बेल्ट की हालत बदहाल अवस्था में है। इसमें कूड़ा करकट पड़ा है तो सेक्टर-104 स्थित हीरो होम्स सोसाइटी के पास सीवर का गंदा पानी आसपास लगती रिहायशी कॉलोनियों से आकर इकट्ठा हो रहा है। योजना के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ करीब 15-15 किमी में ग्रीन बेल्ट में पौधे लगाए जाएंगे। इनमें छायादार और फलदार पौधे शामिल होंगे।
शोधित पानी पहुंचाया जाएगा
पौधरोपण को लेकर जीएमडीए की पर्यावरण शाखा की तरफ से एस्टीमेट निर्माण अंतिम चरण में है। शोधित पानी की पाइप लाइन डालने का आग्रह सिविल शाखा से किया है। पाइप लाइन डलने के बाद पौधों तक पानी पहुंचाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। यदि पाइप लाइन नहीं डाली जाती है तो पौधों में पानी देने के लिए टैंकरों पर आश्रित होना पड़ेगा। यह काफी महंगा पड़ेगा।
लोगों ने कहा, इस ओर ध्यान देने की जरूरत
सेक्टर-102 के इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी के आरडब्ल्यूए उपप्रधान सुनील सरीन ने बताया कि द्वारका एक्सप्रेसवे और ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट की हालत बदतर अवस्था में है। ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में तो झुग्गियां और अस्थायी रूप से दुकानें डल गई हैं। इनकी वजह से गंदगी फैल रही है। वहीं, सेक्टर-108 शोभा सिटी सोसाइटी निवासी प्रवीण कौशल का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर आना-जाना आसान हो गया है। इसके दोनों तरफ के ग्रीन बेल्ट को बेहतर ढंग से विकसित करने की जरूरत है।
जोगीराम चौहान, कार्यकारी अभियंता, पर्यावरण शाखा, जीएमडीए, ''द्वारका एक्सप्रेसवे पर ग्रीन बेल्ट को विकसित करने की योजना है। इस महीने के अंत तक एस्टीमेट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मंजूरी लेने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा।''


