
वर्दी पर हमला कानून की गरिमा पर प्रहार.. पुलिसकर्मियों पर हमले में 4 युवक दोषी करार
द्वारका जिला अदालत ने 2019 में पुलिसकर्मियों पर हमला करने, वर्दी फाड़ने और सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश करने के मामले में राजनीतिक रसूख का हवाला देने वाले चार नशेड़ी युवकों को दोषी करार दिया है।
राजनीतिक रसूख और नशे में चूर युवकों की गुंडागर्दी पर द्वारका जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमला करने, वर्दी फाड़ने, धमकी देने और सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश करने के मामले में चार युवकों को दोषी करार दिया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ गोयल की अदालत ने कहा कि वर्दी पर हमला कानून की गरिमा पर प्रहार है। पेश मामला पालम गांव थाना क्षेत्र का है। 22 सितंबर 2019 की रात करीब दो बजे एएसआई दीपक कुमार अपने साथी कांस्टेबल ओमप्रकाश के साथ हेल्थ सेंटर पिकेट पर ड्यूटी दे रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार महिंद्रा एसयूवी कार वहां से गुजरी।
वाहन संदिग्ध लगा तो एएसआई ने उसे रोकने का इशारा किया। गाड़ी अचानक यू-टर्न लेकर रुकी और उसमें सवार चार युवक बाहर निकले। गाड़ी रोकने से नाराज होने पर मुख्य आरोपी रवि कुमार ने गुस्से में कहा कि ‘मेरा भाई नेता है, वर्दी उतरवा दूंगा।’ फिर उसने एएसआई की फ्लोरेसेंट जैकेट फाड़ दी और सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश की। रवि के अन्य तीन साथी आकाश, मनीष और जितेंद्र ने भी मिलकर दोनों पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों की सूचना पर जबतक बैकअप टीम पहुंची, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
जांच के दौरान छानबीन में गाड़ी और चारों आरोपियों को मंगलापुरी फेज एक से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से वही एसयूवी बरामद हुई जो घटना में इस्तेमाल हुई थी। ट्रायल के दौरान मेडिकल रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि घटना के समय सभी आरोपी शराब के नशे में थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों, फटी वर्दी, फ्लोरेसेंट जैकेट, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।





