
DUSU की संयुक्त सचिव पर पुलिस के सामने टीचर को थप्पड़ मारने का आरोप, क्यों हुआ विवाद?
संक्षेप: दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में एक शिक्षक को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई है। बताया जाता है कि अंबेडकर कॉलेज में एक शिक्षक को डूसू की एक महिला नेता ने कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के अंबेडकर कॉलेज में डीयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दीपिका झा पर एक वरिष्ठ शिक्षक को प्रिंसिपल के कमरे में पुलिस की मौजूदगी के बीच थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। बताया जाता है कि घटना के दौरान डूसू अध्यक्ष और संयुक्त सचिव लगभग 50 छात्रों के साथ कॉलेज में जबरन घुस आए। शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार किया और अनुशासन समिति के संयोजक से इस्तीफा देने की मांग की।

क्यों हुआ विवाद?
अंबेडकर कॉलेज के पीड़ित शिक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि कॉलेज में एक छात्र ने कुछ दिन पहले मारपीट की थी। दोबारा उसने बुधवार को भी चुने छात्र प्रतिनिधि के साथ मारपीट की। मैं कॉलेज में अनुशासनात्मक समिति का प्रमुख हूं। हमने छात्र की हरकतों के कारण उसे निलंबित कर दिया। उसके बाद आरोपी छात्र ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारियों को बुलाया।
पुलिस की मौजूदगी में थप्पड़ मारने का आरोप
प्रिंसिपल के कमरे में पुलिस की मौजूदगी के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हो रही थी तभी दीपिका झा ने मुझे थप्पड़ मार दिया। कैंपस में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए मैं अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था। यह कॉलेज डूसू से जुड़ा भी नहीं है फिर भी डूसू के प्रतिनिधि यहां आए उन्होंने मेरे साथ अभद्रता की।
शिक्षकों में आक्रोश
इस घटना को लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। डीयू में शिक्षक प्रतिनिधि डॉ.आलोक पांडेय का कहना है कि पीड़ित सुजीत कुमार एक वरिष्ठ और सम्मानित शिक्षक हैं। उनके साथ इस तरह की अभद्रता निंदनीय है। हम कुलपति से मांग करते हैं कि इस मामले सख्त कदम उठाया जाए।
शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की का भी आरोप
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष और पूर्व डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने बयान जारी कर इस मामले की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त सचिव ने प्रो. सुजीत कुमार को थप्पड़ मारा और कई शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की की गई। प्रो. सुजीत कुमार उस अनुशासन समिति के संयोजक थे, जो हाल ही में एबीवीपी सदस्यों द्वारा अन्य छात्रों पर किए गए हमलों की जांच कर रही थी।
वीडियो वायरल
घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद अनुशासन समिति के सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि जब तक शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक वे अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करेंगे। हम विश्वविद्यालय स्तर पर तत्काल जांच और दोषी छात्रों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।
यह शिक्षक की गरिमा पर हमला: एएडीटीए
वहीं आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन एकेडमिक फार एक्शन एंड डेवलेपमेंट टीचर्स एसोसिएशन ने इस मामले में जांच की मांग की है और डीयू के कुलपति प्रो.योगेश सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि किसी लोकतांत्रिक संस्थान में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। यह एक शिक्षक की गरिमा पर हमला है।
जांच की मांग
पत्र में कुलपति से तत्काल जांच कराने और दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है ताकि परिसर में अनुशासन और कानून का पालन सुनिश्चित हो सके। हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा है कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय के शिक्षण माहौल में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द कठोर कदम उठाएगा।





