DUSU Election 2026 की बिसात बिछी, 3 पैनलों से इस बार कौन-कौन प्रत्याशी, देखें पूरी लिस्ट
DUSU Election 2026 : डूसू चुनाव की सियासी बिसात फिर बिछ गई है।इस बार भी एबीवीपी और एनएसयूआई सहित 3 पैनलों के बीच कांटे की टक्कर होगी। तीनों छात्र संगठनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है।

DUSU Election 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए बिसात पूरी तरह से बिछ गई है। शुक्रवार को तीनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी धड़ों की ओर से अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। एबीवीपी ने यश डबास को अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। एनएसयूआई ने विजय शंकर मीणा और आईसा व एसएफआई ने संयुक्त तौर पर अनन्या रतूड़ी को अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया है।
डूसू चुनाव के लिए अब सभी पदों पर प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो गई है। नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसमें अध्यक्ष पद के लिए सात और उपाध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए चार-चार प्रत्याशी मैदान में हैं।
18 सितंबर को होगी वोटिंग
हालांकि, मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना है कि जारी सूची अस्थायी है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जानी है। विश्वविद्यालय ने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी पाए जाने पर नामांकन रद्द किया जा सकता है। डूसू चुनाव के लिए 18 सितंबर को मत डाले जाएंगे और 19 सितंबर को मतों की गणना की जाएगी।
सख्ती से होगा दिशा-निर्देशों का पालन
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। डीयू के प्राक्टर प्रो. मनोज सिंह ने कहा कि परिसर में कहीं भी प्रिंटेड सामग्री, पोस्टर या बैनर दिखा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। छात्र संघ चुनावों में इस बार एबीवीपी, एनएसयूआई और लेफ्ट संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं, आईसा और एसएफआई ने अपना संयुक्त पैनल घोषित किया है।
अधिकारों की आवाज बुलंद की जाएगी: कांग्रेस
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने डूसू चुनाव में एनएसयूआई पैनल के जीत का दावा किया। आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शुक्रवार को एनएसयूआई पैनल के समर्थन में बैठक का आयोजन किया गया। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई के प्रत्याशी जीत के बाद छात्रों के अधिकारों और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने पर जोर देंगे। विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की आवाज को बुलंद किया जाएगा।
अपने काम और प्राथमिकताओं साथ मैदान मेंः एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने डूसू चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा के साथ कहा कि पिछले वर्ष विद्यार्थियों ने एबीवीपी को डूसू में जिम्मेदारी दी थी। पूरे वर्ष विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाने और उनके समाधान के लिए काम किया गया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में हम काम और आगामी प्राथमिकताओं के साथ फिर से विद्यार्थियों के बीच जा रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षा और सुविधाओं को बेहतर करने के साथ विद्यार्थियों खासकर छात्राओं के लिए सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
डीयू में साफ दिख रही बदलाव की लहरः लेफ्ट
लेफ्ट संगठनों ने अपने संयुक्त पैनल की घोषणा के साथ ही जीत का दावा किया है। लेफ्ट ने कहा है कि जंतर मंतर से लेकर सत्या निकेतन तक बदलाव की एक लहर साफ दिख रही है।
इन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
| Post | ABVP | NSUI | AISA-SFI |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | विजय शंकर मीणा | अनन्या रतूड़ी |
| उपाध्यक्ष | ईशु मौर्य | वीर चतरथ | अक्षत शिखर |
| सचिव | रिया छाबड़ी | नम्रता चौधरी | स्टेनजिन डेस्कयोंग |
| संयुक्त सचिव | लक्ष्य राज सिंह | गोपाल चौधरी | बी. पारिजात |
यश डबास (एबीवीपी) : यश डबास दिल्ली के कंझावला के निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसजीटीबी खालसा कॉलेज से स्नातक किया है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी हैं और स्पेन, ऑस्ट्रेलिया व सब्रिया में आईटीएफ प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग में अध्ययनरत हैं।
विजय शंकर मीणा (एनएसयूआई) : विजय शंकर मीणा मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की है और फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी से बुद्धिस्ट स्टडीज में एमए (प्रथम वर्ष) की पढ़ाई कर रहे हैं। वे छात्रों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं।
अनन्या रतूड़ी (आईसा-एसएफआई) : अनन्या रतूड़ी मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं और पीजी डीएवी कॉलेज में पढ़ती हैं। उन्होंने आईपीसीडब्लू में यौन उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में हाईपर मस्कुलिन और ताकत आधारित राजनीति को लेकर सवाल उठाती रही हैं। आईसा संगठन की सदस्य अनन्या को आईसा और एसएफआई ने संयुक्त तौर पर अपना उम्मीदवार बनाया है।


