Passport News : दोहरी जन्मतिथि वाले पेंच ने रोकी विदेश की राह, इस वजह से अटके पड़े हजारों पासपोर्ट

Praveen Sharma हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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पासपोर्ट से जुड़ी यह खबर उन हजारों लोगों के लिए बेहद जरूरी है जो पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की प्रक्रिया में हैं। 'दोहरी जन्मतिथि' का पेंच कई लोगों के विदेश जाने के सपने को रोक सकता है।

Passport News : दोहरी जन्मतिथि वाले पेंच ने रोकी विदेश की राह, इस वजह से अटके पड़े हजारों पासपोर्ट

गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस में हजारों लोगों के पासपोर्ट दोहरी जन्मतिथि के कारण अटक गए हैं। पासपोर्ट ऑफिस में पेंडिंग मामलों की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में आवेदकों ने पहले एक जन्मतिथि के आधार पर पासपोर्ट बनवाया, लेकिन बाद में शैक्षिक प्रमाणपत्र, आधार या अन्य दस्तावेजों में जन्मतिथि बदलवा ली। अब यही अंतर पासपोर्ट वेरिफिकेशन और रिन्यूअल में बड़ी बाधा बन गया है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में पेंडिंग मामलों में सबसे अधिक आवेदन जन्मतिथि में संशोधन से जुड़े किए गए हैं। नियमों के अनुसार, पासपोर्ट में जन्मतिथि बदलना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें आवेदक को मजिस्ट्रेट का आदेश या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध प्रमाण प्रस्तुत करना होता है।

केवल आधार या अन्य दस्तावेज बदलने से पासपोर्ट में संशोधन स्वतः मान्य नहीं होता। इस स्थिति में कई लोग नौकरी, विदेश यात्रा और वीजा प्रक्रिया में भी परेशान हो रहे हैं। पासपोर्ट ऑफिस का कहना है कि ऐसे मामलों में दस्तावेजों की गहन जांच की जाती है और नियमों के अनुरूप ही निर्णय लिया जाता है। गलत या अपूर्ण दस्तावेज होने पर आवेदन पेंडिंग या निरस्त कर दिए जाते हैं।

पुरानी जन्मतिथि पर ही जारी होता है पासपोर्ट

पहली बार में पासपोर्ट जिस जन्म तिथि के आधार पर जारी किया जाता है, बाद में पासपोर्ट का रिन्यूअल भी उसी जन्मतिथि पर होता है। पहली बार में जन्म तिथि बताने के लिए जो दस्तावेज जमा किए जाते हैं उन्हीं को असली माना जाता है। इतनी ही नहीं रिन्यूअल के दौरान भी आवेदक को पुरानी जन्मतिथि का कोई दस्तावेज उपलब्ध कराना होता है अन्य पासपोर्ट जारी नहीं हो पाता। इसीलिए अब आवेदक भटक रहे हैं।

सुविधानुसार जन्मतिथि बदलना पड़ा महंगा

दरअसल जिन आवेदकों ने दसवी पास करने से पहले अपना पासपोर्ट बनाया है उन्होंने उसके लिए जन्म प्रमाण पत्र जन्मतिथि के रूप में लगाया है। बाद में लोगों ने अपनी सुविधानुसार दस्तावेजों में अपनी जन्मतिथि बदल ली। उसके बाद सभी दस्तावेज भी नई जन्मतिथि के अनुसार बनवा लिए। अब पासपोर्ट आवेदन करने के बाद उनकी यह चालाकी सामने आ गई। जिन कारण अब ऐसे आवेदकों के पासपोर्ट अटक गए।

13 जिलों के लोगों को बनते हैं पासपोर्ट

गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस में यूपी के 13 जिलों के लोगों के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हाथरस, मथुरा, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड, सहारनपुर, शामली, शामिल हैं। जन्मतिथि बदलने से आवेदक ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं।

राहुल शर्मा, निवासी मेरठ, ''मैंने 2015 में पासपोर्ट बनवाया था, तब जन्म तिथि स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार थी। बाद में आधार और अन्य दस्तावेजों में सुधार कराया तो आवेदन अटक गया।''

शबाना परवीन, निवासी लोनी, ''मेरा पहला पासपोर्ट दसवी कक्षा पास करने से पहले का बना हुआ है। उसमें जन्म तिथि अलग है। अब पासपोर्ट अटक गया है। कई बार पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर लगा चुकी हूं।''

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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