
एसिड अटैक के बाद भर्ती DU के छात्रा की कैसी है तबीयत? आई राहत वाली खबर
मुख्य आरोपियों की पहचान जितेंद्र (मुकुंदपुर निवासी), ईशान और अरमान के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार जितेंद्र उसका पीछा करता था और लगभग एक महीने पहले पीड़िता और आरोपी के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय की स्टूडेंट पर एसिड अटैक के बाद उसकी तबीत कैसी है,इसपर ताजा अपडेट राहत देने वाली है। डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे सोमवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। यह हमला रविवार को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के अशोक विहार स्थित लक्ष्मी बाई कॉलेज के बाहर 20 वर्षीय सेकेंड छात्रा पर हुआ था। लक्ष्मी बाई कॉलेज के प्रॉक्टर डॉ. मनराज गुर्जर ने बताया कि तेजाब हमला कॉलेज परिसर के बाहर हुआ था और पीड़िता NCWEB (नॉन-कॉलेजिएट वुमेन्स एजुकेशन बोर्ड) की छात्रा थी, न कि कॉलेज की नियमित छात्रा थी।

शादीशुदा है आरोपी
मुख्य आरोपियों की पहचान जितेंद्र (मुकुंदपुर निवासी),ईशान और अरमान के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार जितेंद्र उसका पीछा करता था और लगभग एक महीने पहले पीड़िता और आरोपी के बीच तीखी बहस भी हुई थी। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष आर्यन मान ने बताया कि जितेंद्र शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। वह डेढ़ साल से छात्रा का पीछा कर रहा था। छात्रा ने बार-बार उसके प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। उसके विरोध के बावजूद जितेंद्र का दुर्व्यवहार जारी रहा।
पुलिस का बयान
इस बीच दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि छात्रा पर रविवार को तीन लोगों ने तेजाब से हमला किया था। पीड़िता दूसरे वर्ष की (नॉन-कॉलेज) छात्रा थी और अपनी क्लास के लिए अशोक विहार स्थित लक्ष्मी बाई कॉलेज गई थी,तभी तीन लोग मोटरसाइकिल पर उसके पास आए और तेजाब फेंक दिया। उसका चेहरा बच गया,लेकिन हाथ जल गए।
अधिकारियों ने आगे बताया,"जब वह कॉलेज की ओर जा रही थी,तो मुकुंदपुर निवासी उसका परिचित जितेंद्र अपने साथियों ईशान और अरमान के साथ मोटरसाइकिल पर आया। आरोप है कि ईशान ने एक बोतल अरमान को दी,जिसने तेजाब फेंक दिया। पीड़िता ने अपना चेहरा बचाने की कोशिश की,लेकिन उसके दोनों हाथों पर चोटें आईं। आरोपी मौके से फरार हो गए।"
पीड़िता ने यह भी बताया कि जितेंद्र उसे स्टॉक (पीछा) करता था और लगभग एक महीने पहले उन दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई थी। क्राइम टीम और FSL टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसके बयान और चोटों की प्रकृति के आधार पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर लिया गया है और जांच जारी है।" एक मामला भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।





