दिल्ली को झुलसा रहीं बलूचिस्तान और थार की सूखी गर्म हवाएं, आगे कैसे रहेंगे हालात
मौसम विज्ञानी महेश पालावत बताते हैं कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान और राजस्थान के थार मरुस्थल की ओर से इन दिनों दिल्ली की तरफ गर्म हवाएं आ रही हैं। अगले दस दिनों के बीच आंधी-बारिश जैसी कोई मौसमी परिघटना होने के आसार कम है।

राजधानी दिल्ली को थार और बलूचिस्तान की रेगिस्तानी गर्म हवाएं झुलसा रही हैं। इन सूखी गर्म हवाओं के चलते वायु मंडल में नमी कम हो गई है। इसके चलते लोगों को तपिश का ज्यादा अहसास हो रहा है और देश के कई हिस्सों में लू की स्थिति बन रही है। अगले सप्ताह भर तक मौसम लगभग इसी तरह का रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय दिल्ली की तरफ आने वाली हवाएं पाकिस्तान के बलूचिस्तान और राजस्थान के थार मरुस्थल की ओर से आ रही हैं। मौसम निगरानी संस्था स्काईमेट के विज्ञानी महेश पालावत बताते हैं कि इस पूरे इलाके में कोई बड़ी वाटर बॉडी (जैसे समुद्र) नहीं हैं। इसके चलते यहां पर मौसम काफी हद तक सूखा और गर्म रहता है। अगर ये हवाएं अरब सागर या बंगाल की खाड़ी की ओर से आतीं तो अपने साथ नमी भी लेकर आतीं। लेकिन, मरुस्थल की ओर से आने के चलते ये देश के एक बड़े हिस्से में तपिश और लू को बढ़ाने का काम करती हैं।
पालावत बताते हैं कि अगले दस दिनों के बीच आंधी-बारिश जैसी कोई मौसमी परिघटना होने के आसार कम है। मजबूत पश्चिमी विक्षोभ या साइक्लोनिक सरकुलेशन भी बनने के आसार कम हैं। इसके चलते अभी मौसम सूखा और गर्म रहने की संभावना है। इस दौरान दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। दिल्ली व अन्य हिस्सों में हीट वेव के साथ-साथ वार्म नाइट भी देखने को मिल सकती है।
दस वार्डों में ज्यादा तेजी से बढ़ा तापमान
भाटी, बदरपुर, गौतमपुरी, मीठापुर, हरिनगर एक्सटेंशन, मोलरबंद, सैद उल अजाब, देवली, गांधी नगर, ललिता पार्क
दस वार्डों में अपेक्षाकृत कम बढ़ा पारा
मुबारकपुर, निठारी, रानी खेड़ा, पूठ कला, अमन विहार, शाहबाद डेयरी, नांगलोई, रिठाला, बेगमपुर, कुंवर सिंह नगर
वार्ड स्तर पर बननी चाहिए योजना
राजधानी दिल्ली के अलग-अलग वार्डों में तापमान की स्थिति अलग-अलग है। इसलिए योजनाएं भी इसी अनुसार बनाई जानी चाहिए। एंवायरोकैटेलिस्ट के संस्थापक सुनील दहिया कहते हैं कि स्थानीय स्तर पर हीट अनुकूलन योजनाओं और सूक्ष्म नितियों में बदलाव की आवश्यकता है। तापमान का वार्ड स्तरीय डाटा सरकार और नीति निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेने में मदद कर सकता है।
वर्ष 2024 के मई महीने में छह दिन चली थी लू
मौसम विभाग के पास मौजूद हाल के वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 का मई महीना बेहद गर्म रहा था। इस पूरे महीने में छह दिन ऐसे रहे थे जब लोगों को लू का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2013 में लू वाले दिनों की संख्या चार रही थी। इनकी तुलना में वर्ष 2025 का मई महीना काफी नर्म रहा था। तब थोड़े-थोड़े अंतराल पर मौसमी राहत बनी रही थी।
11 वर्षों में ढाई डिग्री से ज्यादा बढ़ा तापमान
एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के तापमान में लगातार बढ़ोतरी का क्रम देखा जा रहा है। संस्था के मुताबिक वर्ष 2019 में दिल्ली का औसत भूमि सतह तापमान (लैंड सर्फेस टेंपरेचर) 29.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। जो कि 2026 में बढ़कर 32.0 डिग्री सेल्सियस हो गया। यानी 11 सालों में लैंड सर्फेस तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली में अगले चार दिन लू के आसार, अलर्ट जारी
दिल्लीवालों के लिए अगले कुछ दिन भारी बीतने वाले हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान गर्म हवा के थपेड़ों और कड़ी धूप के चलते लोगों को भीषण गर्मी का अहसास होगा। इस बीच, सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, कुछ स्थानों पर लू जैसी स्थिति भी बनी रही। पश्चिमी विक्षोभों के चलते पिछले दिनों आई आंधी और बारिश के चलते दिल्ली को मिली राहत अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। दिल्ली का मौसम बेहद गर्म और सूखा हो गया है। सोमवार को दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में सुबह से ही तेज धूप रही। सुबह नौ बजे के बाद से ही तीखी धूप लोगों को चुभने लगी। जबकि, ग्यारह बजे के बाद घर से निकलना भी मुश्किल लगने लगा। दिन के समय गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को जमकर परेशान किया। इससे खासतौर पर खुले में मेहनत का काम करने वाले, दोपहिया वाहन चालकों, सड़कों के आसपास रहने वालों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है। यह इस मौसम का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। इससे पहले 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
लोधी रोड पर लू जैसी स्थिति, रिज सबसे गर्म
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम है। यहां पर आर्द्रता का स्तर 19 से 57 फीसदी तक रहा। दिल्ली का रिज इलाका सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। अधिकतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री ज्यादा होने पर उसे लू की स्थिति माना जाता है।
45 डिग्री के पार जा सकता है अधिकतम तापमान
राजधानी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में पारा 45 डिग्री या उससे ऊपर भी जा सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 से 45 और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि, हवा की गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। अगले चार दिनों के बीच दिल्ली में भीषण गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने चार दिनों का येलो अलर्ट भी जारी किया है।
राजधानी की वायु गुणवत्ता साफ-सुथरी बनी रही
मौसम के अलग-अलग कारकों के चलते दिल्ली की हवा साफ-सुथरी बनी हुई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सोमवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 173 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यह सूचकांक 174 के अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे में वायु गुणवत्ता की स्थिति लगभग एक जैसी बनी हुई है। अगले तीन चार दिनों के बीच भी वायु गुणवत्ता का यह स्तर बना रहने की संभावना है।


