नशे में धुत हो विधायक के पायलट गाड़ी को ठोका, ASI सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Jan 01, 2026 10:14 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
share Share
Follow Us on

गुरुग्राम के व्यस्त आईनॉक्स मॉल के पास तैनात एक एएसआई ने नशे में धुत होकर अपनी गाड़ी से विधायक मुकेश शर्मा के ​काफिले की एक पायलट गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में गाड़ी का चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस मामले में आरोपी एएसआई बलजीत सिंह सहित चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

नशे में धुत हो विधायक के पायलट गाड़ी को ठोका, ASI सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

गुरुग्राम के व्यस्त आईनॉक्स मॉल के पास तैनात एक एएसआई ने नशे में धुत होकर अपनी गाड़ी से विधायक मुकेश शर्मा के ​काफिले की एक पायलट गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में गाड़ी का चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस मामले में आरोपी एएसआई बलजीत सिंह सहित चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

गुरुग्राम के व्यस्त आईनॉक्स मॉल के पास तैनात एक एएसआई ने नशे में धुत होकर अपनी गाड़ी से विधायक मुकेश शर्मा के ​काफिले की एक पायलट गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में गाड़ी का चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया, चार सुरक्षा अ​धिकारी बाल बाल बच गए। जिस समय यह घटना हुई, विधायक काफिले की अगली गाड़ी में सवार थे। हादसे के बाद वह उतरे और पुलिस को सूचना दी। इस मामले में सरकार ने आरोपी एएसआई बलजीत सिंह सहित चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

नाके पर तैनात पुलिस कर्मियों को अपने साथ ले गया

नाका प्रभारी एसआई रमेश ने शिकायत में कहा कि उनकी टीम 31 दिसंबर की रात सुरक्षा व्यवस्था के लिए आईनॉक्स मॉल के पास नाकेबंदी पर ड्यूटी में तैनात थी। तभी एएसआई बलजीत सिंह अपनी निजी सफेद रंग की वेन्यू कार से पहुंचे। उन्होंने नाके पर तैनात अजय पाल को अपने साथ बुला लिया। करीब आधे घंटे बाद दोनों आईनॉक्स मॉल से बाहर निकले। बलजीत ने नाके पर ड्यूटी कर रहे हेड कांस्टेबल संजय कुमार और हंसराज को भी अपनी गाड़ी में बिठाया और कहा कि वह खाना खाकर आ रहे हैं।

इसके बाद एएसआई ने तेज रफ्तार में गाड़ी चलाई और सेक्टर 4/7 चौक से अचानक यू टर्न लेकर न्यू कॉलोनी मोड़ की ओर मुड़ गए। रेलवे स्टेशन की तरफ से आ रही वीआईपी ड्यूटी में तैनात पायलट स्कॉर्पियो गाड़ी को उन्होंने टक्कर मार दी। नाका प्रभारी रमेश की शिकायत पर न्यू कॉलोनी थाने में आरोपी एएसआई के खिलाफ ड्रंकन ड्राइव, लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है।

नशे में धुत था, नंबर प्लेट गायब

नाका प्रभारी रमेश ने बताया कि टक्कर लगने पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। बहस सुनकर वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बलजीत की वेन्यू कार की आगे की नंबर प्लेट गायब थी और पिछली नंबर प्लेट के अक्षर गायब थे। वह शराब के नशे में धुत लग रहे थे और उनकी आंखें लाल थीं। समझाने पर भी वह मान नहीं रहा था और बदसलूकी कर रहा था। विधायक ने इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। विधायक आधे घंटे तक ही मौके पर खड़े रहे।

वहीं, इस घटना से गुरुग्राम पुलिस की काफी किरकिरी हुई है। नए साल पर ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई थी और शहर भर में सघन चेकिंग अभियान चल रहा था। अपने ही पुलिसकर्मी का नशे में गाड़ी चला कर पायलट में टक्कर मारना बड़ी घटना है।

रिपोर्ट: मोनी देवी

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें