काम की बात: गुरुग्राम में पेयजल महंगा हुआ, नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी; नियम भी कड़े करने जा रहा नगर निगम
गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले लोगों को अब पेयजल के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। निगम ने जल आपूर्ति सेवाओं की संशोधित शुल्क दरें लागू कर दी हैं, जो एक अप्रैल से प्रभावी हो गई हैं। 2027 तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पानी के बिल में लगभग पांच प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाएगी।

गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले लोगों को अब पेयजल के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। निगम ने जल आपूर्ति सेवाओं की संशोधित शुल्क दरें लागू कर दी हैं, जो एक अप्रैल से प्रभावी हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत वर्ष 2024 से 2027 तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पानी के बिल में लगभग पांच प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और शहर की जलापूर्ति सेवाओं को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाना है। बता दें कि नगर निगम के पास कुल सात लाख 20 हजार प्रॉपर्टी आईडी पंजीकृत हैं, लेकिन निगम के पास पानी के कनेक्शन सिर्फ एक लाख 93 हजार ही हैं। इनमें से करीब 40 से 50 हजार लोगों ने ही अपने घरों में पानी के मीटर लगाए हुए हैं।
दो लाख से अधिक लोगों के घरों में अवैध कनेक्शन
निगम अधिकारियों के अनुसार शहर दो लाख से अधिक लोगों ने घरों में अवैध कनेक्शन किए हुए हैं। इस कारण शहर में पीने के पानी का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी कारण गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत होती है। इस समस्या को समाप्त करने के लिए निगम की तरफ से अब पानी को लेकर नए और कड़े नियम बनाए जा रहे हैं।
अधिकृत प्लंबरों के लिए ऑफर
जल राजस्व बढ़ाने और अवैध कनेक्शनों पर कड़ा प्रहार करने के लिए निगम ने एक अनूठी पहल की है। निगम ने योग्य प्लंबरों से अधिकृत पंजीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आवेदक के पास प्लंबिंग ट्रेड में आईटीआई डिप्लोमा या किसी अच्छे संस्थान में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है।
निगम द्वारा पंजीकृत इन अधिकृत प्लंबरों को जल कनेक्शन और डिस्कनेक्शन शुल्क का 50 प्रतिशत (अधिकतम एक हजार रुपये) प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के रूप में दिया जाएगा। यदि कोई अधिकृत प्लंबर किसी अवैध या अनधिकृत पानी के कनेक्शन की पुख्ता सूचना निगम को देता है, तो उसे प्रति कनेक्शन एक हजार रुपये का इनाम अलग से दिया जाएगा।
ग्रुपहाउसिंग सोसाइटी में दर
ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए 2026 में 20 किलोलीटर तक 6.08 रुपये और उससे अधिक पर 12.16 रुपये शुल्क लगेगा। संस्थागत श्रेणी में 12.16 रुपये, जबकि औद्योगिक व वाणिज्यिक श्रेणी में यह दर 18.23 रुपये प्रति किलोलीटर तय की गई है। इसके अलावा, लेट पेमेंट पर वर्तमान बिल का 10 फीसदी चार्ज, डिस्कनेक्शन/री-कनेक्शन फीस एक हजार रुपये और मीटर टेस्टिंग (15एमएम) फीस 50 रुपये लागू रहेगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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