
अल-फलाह में डॉ. निसार की नियुक्ति पर छात्रों व पैरेंट्स ने जताई था ऐतराज, क्या है वजह
दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बाद से चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. निसार उल हसन की नियुक्ति से जुड़ा विवाद भी गुरुवार को सामने आया है। छात्रों के अनुसार निसार की नियुक्ति के समय ही सोशल मीडिया पर कई गंभीर सवाल उठे थे।
दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बाद से चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. निसार उल हसन की नियुक्ति से जुड़ा विवाद भी गुरुवार को सामने आया है। छात्रों के अनुसार निसार की नियुक्ति के समय ही सोशल मीडिया पर कई गंभीर सवाल उठे थे।

अभिभावकों और छात्रों के एक वर्ग ने यह कहते हुए विरोध दर्ज कराया था कि जिस डॉक्टर निसार को देश की एकता और अखंडता के लिए घातक बताते हुए जम्मू कश्मीर प्रदेश सरकार द्वारा करीब डेढ़ साल पहले बर्खास्त किया था। उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर में एक मुकदमा दर्ज है, उसकी नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए था। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उस समय मामले को नजरअंदाज करते हुए उसे अपने फैकल्टी में शामिल कर लिया था। अब जब दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा और संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को लेकर चिंता बढ़ी है, अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते प्रबंधन सतर्क होता, तो आज यह स्थिति पैदा न होती।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन सवालों के घेरे में
अभिभावकों का आरोप है कि नियुक्ति विवाद के समय भी प्रबंधन ने कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया था। इसके चलते यूनिवर्सिटी की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया था। अब धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कई लोगों से पूछताछ और गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने की खबरों से अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि यदि जांच का दायरा बढ़ा या किसी प्रकार की कार्रवाई हुई तो यूनिवर्सिटी का संचालन बाधित हो सकता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा।





