दिल्ली के गोविंदपुरी में डबल मर्डर, मां और बेटे को चाकू से गोदकर मार डाला; घर से कैश-गहने गायब
राजधानी दिल्ली में डबल मर्डर का मामला सामने आया है। पूरी तैयारी के साथ आए बदमाश मां-बेटे की हत्या करने के बाद नकदी और गहने लेकर फरार हो गए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।

राजधानी दिल्ली में डबल मर्डर का मामला सामने आया है। पूरी तैयारी के साथ आए बदमाश मां-बेटे की हत्या करने के बाद नकदी और गहने लेकर फरार हो गए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।
बेरहमी से हत्या की
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में मां-बेटे की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, 38 साल की शारदा और उनके 13 साल के बेटे खुशाल की अज्ञात आरोपियों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। खुशाल 7वीं कक्षा में पढ़ता था।
पूरी तैयारी के साथ आए थे बदमाश
वारदात को घर के अंदर अंजाम दिया गया, जिससे यह साफ है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे। हत्या के बाद आरोपी घर में रखे करीब 10 से 12 लाख रुपए नकद और गहने लेकर फरार हो गए। वारदात के पीछे लूट को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य एंगल से भी जांच कर रही है।
बुधवार रात लगभग 1:11 बजे गोविंदपुरी थाने में एक पीसीआर कॉल आई। इसमें बताया गया कि गली संख्या 10, गोविंदपुरी, कालकाजी स्थित एक आवास में दो लोगों की हत्या कर दी गई है। तत्काल एसएचओ और एसीपी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
अलमारियों से नकदी और गहने गायब
शुरुआती जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता विष्णु साहू साप्ताहिक बाजारों में फल और सब्जी बेचने का काम करते हैं। रात करीब 12:30 बजे वह अपने घर पहुंचे। उन्होंने पाया कि सामने का दरवाजा बाहर से बंद था। घर के अंदर जाने पर उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे के शव देखे, जिन पर चाकू से वार के कई निशान थे। मौके का मुआयना करने से पुलिस को पता चला कि अलमारियों से नकदी और गहने गायब थे। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया।
आरोपियों की तलाश में टीमें गठित
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच जारी है। आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 और 309(6) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


