
शादी की छुट्टी और एक चूक से पकड़ा डॉक्टरों का आतंकी नेटवर्क, सहारनपुर में मिनी कमांड सेंटर
सहारनपुर के फेमस अस्पताल में तैनात डॉ. अदील की एक माह की निकाह की छुट्टी और जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाते समय सीसीटीवी में कैद होने की चूक से देश में कहर बरपाने की साजिश रच रहे डॉक्टरों के पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।
डॉक्टरों के फूलप्रूफ आतंकी नेटवर्क ने देश के कई हिस्सों में कहर बरपाने की भयावह साजिश रची थी। सहारनपुर के फेमस अस्पताल में तैनात डॉ.अदील की एक माह की छुट्टी और इसी दौरान पोस्टर लगाने की चूक ही देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम कड़ी बनी। इससे पूरा नेटवर्क खुलता चला गया।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में धमकी भरे पोस्टर लगाते समय डॉ. अदील मौलाना इरफान के साथ सीसीटीवी में कैद हो गया था। इसी फुटेज के आधार पर श्रीनगर पुलिस ने पहले मौलाना को हिरासत में लिया और फिर डॉ. अदील तक पहुंची। डॉ. अदील तक पहुंची खुफियां एजेंसियों के हाथ ही नेटवर्क से पर्दाफाश में मददगार बने।
निकाह की छुट्टी और पोस्टर की चूक
डॉ. अदील अपने निकाह के लिए दो अक्तूबर को एक माह की छुट्टी लेकर जम्मू-कश्मीर गया था। निकाह की दावत में उसने अपने साथियों से मुलाकात की। 19 अक्तूबर को डॉ. अदील ने मौलाना इरफान के साथ मिलकर अनंतनाग में जैश के समर्थन वाले पोस्टर लगाए। खोजबीन शुरू हुई और सीसीटीवी फुटेज में दोनों को ट्रैस कर लिया गया।
एके-47 की बरामदगी से खुला राज
मौलाना इरफान को हिरासत में लेने के बाद सहारनपुर में दबिश देकर डॉ. अदील को भी हिरासत में लिया गया। डॉ. अदील के लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद हुई और पूछताछ में कई सनसनीखेज राज खुले। पता चला कि अमोनियम नाइट्रेट सहित कई तरह के विस्फोटक मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में धमाके की साजिश रची जा रही थी।
मदद के नाम पर आतंक की पाठशाला
दिल्ली-एनसीआर और सहारनपुर में सक्रिय आतंकियों के डॉक्टर गैंग के खतरनाक मंसूबों का खुलासा हैरान करने वाला है। यह आतंकी मॉड्यूल खुफिया एजेंसियों से बचकर वर्षों से काम कर रहा था और उसने नापाक मंसूबों के लिए 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भी जमा कर ली थी। जांच में पता चला है कि इस स्लीपर मॉड्यूल ने फौरी हमलों की तैयारी के साथ ही एक बड़ा समूह बनाने की भी योजना बनाई थी। इसके लिए मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्स के गरीब छात्रों को निशाना बनाया जा रहा था।
स्वास्थ्य विभाग के पास अदील का रिकॉर्ड नहीं
सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में काम करने वाले डॉ. अदील अहमद का स्वास्थ्य विभाग में कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। उसके पंजीकरण, अनुभव और अस्पताल में काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज भी विभाग के पास नहीं हैं। इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया है। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को डॉ. अदील के अस्पताल में कार्य करने की कोई जानकारी भी नहीं दी थी।
सहारनपुर में बना रहा था मिनी कमांड सेंटर
जांच में पता चला है कि डॉ. अदील सहारनपुर में रहकर संगठन के लिए मिनी रिक्रूट कमांड सेंटर बनाने का काम कर रहा था। दिल्ली में वारदात के बाद अपने साथियों को यहीं पर छिपने और दोबारा काम शुरू करने की जगह उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थी।





