सबसे कम समय में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों की यात्रा, DMRC कर्मचारी ने बनाया नया गिनीज रिकॉर्ड
प्रफुल्ल सिंह ने बताया कि दिल्ली मेट्रो में ऑपरेशन्स कर्मचारी होने के नाते इस बार मेरे पास बेहतर योजना थी और इस बार मैंने ट्रेन के समय, रूट और रोजाना के संचालन नियमों की अपनी जानकारी का फायदा उठाकर इस चुनौती को कुशलतापूर्वक पूरा कर दिखाया।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के एक कर्मचारी प्रफुल्ल सिंह ने एक बड़ा कारनामा करते हुए अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया है। वह सबसे कम समय में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों की यात्रा पूरी करने वाले शख्स बन गए हैं। यह यात्रा उन्होंने 14 घंटे, 54 मिनट और 36 सेकंड में पूरी की। खास बात यह है कि प्रफुल्ल ने यह कारनामा दूसरी बार किया है। इससे पहले साल 2022 में भी उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था, हालांकि एक साल बाद ही उनका यह रिकॉर्ड टूट गया था। सिंह ने बताया कि पिछली बार मैंने डेढ़ घंटे ज्यादा समय लिया था, लेकिन इस बार वह भूल नहीं की।
'द प्रिंट' की रिपोर्ट के अनुसार प्रफुल्ल सिंह ने इस साल 23 मई को यह कारनामा किया था, जो कि अब उनके नाम पर दर्ज हुआ है। उस दिन उन्होंने सुबह 6 बजे वॉयलेट लाइन के राजा नाहर सिंह स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू की थी और रात लगभग 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन पर इसे पूरा किया। ऐसा करते हुए उन्होंने सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता द्वारा जून 2023 में बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ा।
चार साल बाद फिर अपने नाम किया रिकॉर्ड
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रफुल्ल सिंह ने पहली बार यह रिकॉर्ड पहली बार अपने नाम नहीं किया है, इससे पहले साल 2022 में भी यह रिकॉर्ड उनके नाम पर था, जब उन्होंने 16 घंटे, 2 मिनट और 17 सेकंड में दिल्ली के 254 स्टेशनों की यात्रा की थी। हालांकि सालभर बाद ही सुजॉय मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उन्होंने 15 घंटे, 21 मिनट और 4 सेकंड में दिल्ली के सभी मेट्रो स्टेशनों की यात्रा करते हुए यह रिकॉर्ड बनाया था।
'पिछली बार गलती हुई थी, इस बार पूरी तैयारी थी'
अपने इस नए रिकॉर्ड के बारे में 'द प्रिंट' से बात करते हुए प्रफुल्ल सिंह ने बताया, 'मुझे पूरा भरोसा था कि इस बार मैं काफी बड़े अंतर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दूंगा। पिछली बार मुझे डेढ़ घंटे की देरी हुई थी क्योंकि मैंने गलत रूट ले लिया था। लेकिन इस बार मुझे यकीन था।'
उन्होंने बताया कि 'दिल्ली मेट्रो में ऑपरेशन्स कर्मचारी होने के नाते इस बार मेरे पास बेहतर योजना थी और पूरे नेटवर्क को कवर करने का साफ नजरिया था।' उन्होंने कहा कि 'इस बार मैंने ट्रेन के समय, रूट और रोजाना के संचालन नियमों की अपनी पेशेवर जानकारी का फायदा उठाकर इस चुनौती को कुशलतापूर्वक पूरा कर दिखाया।'
क्या थी रिकॉर्ड बनाने की प्रमुख शर्तें?
प्रफुल्ल ने बताया कि यह रिकॉर्ड मात्र ट्रेन के अंदर बैठकर नेटवर्क पर घूमने के बारे में नहीं है, बल्कि गिनीज के नियमों के तहत, रिकॉर्ड में गिनती के लिए ट्रेन का हर स्टेशन पर असल में रुकना जरूरी है। हालांकि प्रतिभागी का ट्रेन से उतरना अनिवार्य नहीं है, लेकिन हर जगह टाइमस्टैम्प वाला फोटो-सबूत (फोटोग्राफिक प्रूफ) लेना होता है।
वहीं अपने बनाए रिकॉर्ड का जिक्र करने पर उन्होंने कहा, 'यह उपलब्धि मेरे लिए केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है। DMRC से गहराई से जुड़े होने के कारण, यह मेरे लिए दिल्ली मेट्रो की पहुंच और कार्यक्षमता को दिखाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा देने का एक मौका था।'
क्या हैं प्रफुल्ल सिंह की आगे की योजनाएं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार DMRC में काम करने के अलावा प्रफुल्ल सिंह एक आयरनमैन ट्रायथलीट भी हैं जो तैराकी, मैराथन और साइकिलिंग इवेंट्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं। साल 2021 में, उन्होंने अपने घर पर 134 घंटों में 3,000 किलोमीटर इंडोर साइकिलिंग करके 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में जगह बनाई। अपनी अगली बड़ी योजना के बारे में बताते हुए सिंह ने बताया कि वह कैंसर रिसर्च के लिए जागरूकता और समर्थन जुटाने के मकसद से भारत से श्रीलंका तक तैरने की योजना बना रहे हैं।


