
दिल्ली मेट्रो ने MCD के आरोपों से किया इनकार, MB रोड पर मलबे से जुड़ा है मामला
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने महरौली-बदरपुर रोड पर निर्माण कार्य संबंधी मलबे के संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आरोपों का खंडन किया है। एमसीडी ने डीएमआरसी पर कई प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने महरौली-बदरपुर रोड पर निर्माण कार्य संबंधी मलबे के संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आरोपों का खंडन किया है। एमसीडी ने डीएमआरसी पर कई प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम को कई शिकायतें मिली थीं और निरीक्षण के दौरान ‘एंटी-स्मॉग गन’, पानी का छिड़काव और धूल रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का अभाव पाया गया। उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशानिर्देशों के तहत 3 लाख रुपये से अधिक की राशि के 24 चालान जारी किए गए। अधिकारी ने बताया कि शिकायतों की पुष्टि और जमीनी स्तर पर जांच के बाद ही जुर्माना लगाया गया।
डीएमआरसी ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि साकेत-जी ब्लॉक से बत्रा अस्पताल तक और मां आनंदमयी मार्ग टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक एमबी रोड का केवल 6.58 किलोमीटर हिस्सा ही उसके एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर कार्य के अंतर्गत आता है।
उसने कहा कि इस हिस्से में फुटपाथ नहीं है और पक्की सड़क के बाहर का इलाका कच्चा है तथा निर्माण कार्य ज्यादातर बैरिकेड्स के भीतर मध्य पट्टी तक ही सीमित हैं।
डीएमआरसी ने कहा कि उसने एमसीडी द्वारा बताए गए उल्लंघनों की समीक्षा की है जिनमें धूल नियंत्रण के लिए अपर्याप्त उपाय, निर्माण सामग्री को नहीं ढकना, गलत तरीके से अवरोधक लगाना और खराब व्यवस्था शामिल हैं।
डीएमआरसी के अनुसार, स्थानीय निवासी और राहगीर अक्सर सड़क किनारे मलबा फेंक देते हैं क्योंकि नगर निकाय एजेंसियों ने कूड़ेदान उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और यह कचरा समय पर हटाया नहीं जाता।
बयान में कहा गया है, ‘‘डीएमआरसी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है, लेकिन एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते वह समय-समय पर सड़क किनारे के मलबे को हटाता है।’’
इसमें कहा गया कि एमसीडी के चालानों के साथ संलग्न तस्वीरों से पता चलता है कि अधिकतर कचरा सड़क किनारे का मलबा है जिसका उसके काम से कोई संबंध नहीं है।
डीएमआरसी ने कहा कि वह ग्रैप के दिशानिर्देशों, एनजीटी के निर्देशों और पर्यावरण मानदंडों के तहत प्रदूषण कम करने और धूल नियंत्रण के सभी उपायों का पालन करती है।
उसने कहा कि उसने पानी का छिड़काव करने वाले यंत्र, ‘पोर्टेबल मिस्ट गन’ और ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात किए हैं और नियमित रूप से बैरिकेड्स के किनारों की सफाई की जाती है। निर्माण सामग्री को ढककर रखा जाता है और संबंधित कचरे को अधिकृत प्लांट्स में भेज दिया जाता है। बयान में कहा गया है कि नगर निगम द्वारा की गई टिप्पणियों पर गौर किया गया है तथा और सुधार किए जाएंगे।





