होम्योपैथी की गोली देते ही बेनकाब हुए दिमागी नक्सल, PM मोदी का तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया है कि अब भारतीय सेना पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारती है। उन्होंने 'दिमागी नक्सलवाद' पर अपनी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बयान से ऐसे लोग बेनकाब हो गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि बीते 12 साल के कार्यकाल में उनकी सरकार ने देश को 'नीतिगत पंगुता' से निकालकर दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। आज भारतीय सेना पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों को घर में घुसकर मारती हैं। पीएम मोदी ने 15 अगस्त के दिन दिए अपने संबोधन में कही गई 'दिमागी नक्सल' की बात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैंने होमियोपैथी की एक गोली दी थी जिसका असर यह हुआ कि नक्सली दिमाग के लोग सबके सामने आ गए।
लाल किले से दी थी होम्योपैथी की गोली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा- मैंने 15 अगस्त को लाल किले से होम्योपैथी की गोली 'दिमागी नक्सल' दी थी। होम्योपैथी का स्वभाव है कि इसको लेने के बाद शुरुआत में लक्षण बढ़ जाते हैं। इसके बाद ही इलाज शुरू होता है। मैंने जैसे ही गोली दी सारे दिमागी नक्सल बाहर आ गए। जनता ऐसे लोगों रंग देख रही है।
13 साल पहले दिए भाषण को किया याद
दिल्ली मेट्रो से श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स पहुंचे पीएम मोदी ने विपक्ष की आलोचनाओं पर तंज कसते हुए 13 साल पहले इसी कॉलेज में दिए अपने भाषण का उल्लेख किया। मैं तब मुख्यमंत्री के साथ विपक्षी पार्टी का नेता भी था लेकिन मैंने सरकार की आलोचना के लिए इस मंच का इस्तेमाल नहीं किया। मैंने तब कुछ संकल्पों का जिक्र किया था, एक विजन रखा था और सकारात्मक बातें कही थी। मैं उन्हीं बातों को जीता रहा। उस रास्ते पर चलता रहा।
लेकर आया हूं रिपोर्ट कार्ड
पीएम मोदी ने कहा- देश के लिए जीने का जज्बा और मेरे भीतर का भाव है वह 2013 का भाव शब्दों की माला में जुड़ता चला गया। मेरी सरकार ने तब के भाषण के संकल्पों को साकार करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। मैं आपके पास अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आया हूं। पीएम मोदी ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं सकेगी।
पानी के गिलास को देखने के 3 नजरिये
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पानी के गिलास को देखने के 3 नजरिये हैं… एक आधा भरा , दूसरा आधा खाली और तीसरा पूरा भरा। मेरा नजरिया तीसरा वाला है। मैं गिलास को पूरा भरा देखता हूं। पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि वे 2013 के कालखंड के बारे में इंटरनेट पर जाकर देखें कि देश की स्थिति क्या थी। मीडिया में क्या हेडलाइन होती थी? एलओसी पर भारतीय सैनिकों की हत्या, विश्व बैंक ने जीडीपी की दर का अनुमान घटाया, हेलिकाप्टर खरीद में धूसखोरी... आप सोचेंगे कि क्या कभी ऐसा भी होता था?
आतंकवाद फैलाने वाले आज त्रस्त
पीएम मोदी ने आगे कहा कि तब देश की क्या हालत थी। भ्रष्टाचारी बेखोफ घूमते थे। हर तरफ 'नीतिगत पंगुता' की चर्चा थी। आतंकवादी हमले करते थे। देश में निराशा थी। हर मोर्चे पर संघर्ष था। आज आतंकवाद फैलाने वाले त्रस्त हैं। पाकिस्तान में छिपे आतंकियों को भारतीय सेना घर में घुसकर मारती है। नक्सलवाद की कमर टूट गई है। ऐसे में दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहा है। व्यापार की अड़चने हैं। इसके बावजूद दुनिया भारत को तेजी से बढती अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही है। भारत विकास का कीर्तिमान रच रहा है।


