दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, इस मामले में 'व्हाइट पेपर' लाने की मांग
कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने पीएम मोदी से नीट पेपर लीक मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी के अभाव ने छात्रों के बीच भ्रम और चिंता को बढ़ा दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों पर चिंता व्यक्त की। साथ ही सरकार तथा जांच एजेंसियों से अधिक पारदर्शिता की मांग की। अपने पत्र में सिंह ने पिछले आठ सालों में ऐसे मामलों की स्थिति की पूरी जानकारी देने वाला एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी के अभाव ने छात्रों के बीच भ्रम और चिंता को बढ़ा दिया है।
नीट परीक्षा रद्द होने पर चिंता जताई
उन्होंने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने से लाखों उम्मीदवारों को भारी मानसिक पीड़ा हुई है। छात्रों की एक प्रमुख चिंता यह है कि पिछले प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच कैसे की गई, इस बारे में स्पष्टता का अभाव है। अपने पत्र में सिंह ने लिखा कि प्रिय श्री नरेंद्र मोदी जी, मैं आपको एक बहुत ही महत्वपूर्ण चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं, जो पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने मुझसे शेयर की है। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है। उनके लिए तनाव का एक प्रमुख कारण यह है कि पिछले प्रश्नपत्र लीक की जांच कैसे की गई। इस बारे में स्पष्टता का अभाव है।
अफवाहों और अपुष्ट रिपोर्टों ने चिंता बढ़ाई
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक और अनियमितता के मामलों का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं है। न ही सीबीआई और अन्य केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों द्वारा इन मामलों की जांच के बारे में कोई जानकारी है। आधिकारिक जानकारी के अभाव में अफवाहों और अपुष्ट रिपोर्टों ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि हजारीबाग में हुए NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया कथित तौर पर जमानत पर बाहर है।
सीबीआई के क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम ने लिखा कि आधिकारिक जानकारी के अभाव में कई तरह की खबरें और अफवाहें फैल रही हैं। मुझे बार-बार यह शिकायत मिली है कि हजारीबाग में NEET-UG 2024 के पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया कथित तौर पर जमानत पर बाहर है। सिंह ने उन खबरों का भी जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि सीबीआई ने UGC-NET 2024 मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसमें कहा गया है कि कोई अनियमितता नहीं पाई गई, जबकि परीक्षा को पहले ही एनटीए द्वारा रद्द कर दिया गया था।
श्वेत पत्र में इन बातों को शामिल किया जाए
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई से क्लोजर रिपोर्ट के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण मांगा तो एजेंसी ने अतिरिक्त समय मांगा। इससे छात्रों के बीच नकारात्मक संदेश गया। सिंह ने केंद्र से एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने का आग्रह किया जिसमें निम्नलिखित विवरण शामिल हों- पिछले आठ साल में एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितता के मामलों की सूची, एनटीए और जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण, सभी मामले में की गई गिरफ्तारियों के नाम और संख्या, जांच की वर्तमान स्थिति, क्या आरोपपत्र या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के कारण और आरोपियों की वर्तमान स्थिति। उन्होंने लिखा कि मुझे विश्वास है कि आप यहां उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देंगे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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