3 दिन में बिल्डिंग गिराओ और अवैध इमारतें सील करो; सत्य निकेतन हादसे के बाद ऐक्शन में MCD
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को बिल्डिंग गिरने से हुए हादसे में मरने वाली की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। मलबे से अब तक 11 लोगों को निकाला गया है और अन्य छात्रों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद एमसीडी ने बिल्डिंग नंबर 13 को 3 दिन में गिराने के आदेश दिए हैं।

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) भी ऐक्शन में आ गया है। निगम ने यहां बिल्डिंग नंबर 13 को तुरंत खाली कराकर 3 दिन में गिराने और 4 मंजिल से अधिक ऊंचे सभी अवैध इमारतों को सील करने के आदेश दिए हैं। सत्य निकेतन के पास रविवार को एक बिल्डिंग गिरने से वहां रहने वाले अनेक छात्र मलबे में दब गए। अब तक 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, 6 छात्रों की मौत हो गई।
एमडीसी की तरफ से रविवार देर शाम जारी एक आदेश में कहा गया, ऐसा देखा गया है कि नई दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग नंबर 13 बहुत जर्जर और खतरनाक हालत में है। यह उस बिल्डिंग में रहने वाले, वहां आने-जाने वाले या उसके पास से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए और साथ ही आस-पास के इलाके के लिए भी खतरनाक है। DMC एक्ट 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत आपको आदेश दिया जाता है कि ऊपर बताई गई वजहों और मकसद से इस प्रॉपर्टी को इस आदेश के मिलने के तीन दिनों के भीतर गिरा दें, ताकि इससे होने वाले किसी भी खतरे को रोका जा सके। यह साफ किया जाता है कि अगर तय समयसीमा के भीतर इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो खतरनाक बिल्डिंग को एमसीडी द्वारा गिरा दिया जाएगा और इसके गिराने का खर्च इस एक्ट के तहत टैक्स की बकाया राशि के तौर पर आपसे वसूला जाएगा
4 मंजिल से अधिक ऊंचे अवैध निर्माणों को सील करने का आदेश
इसके साथ ही एमसीडी ने यह भी आदेश दिया है कि 4 मंजिल से अधिक ऊंचे सभी अवैध निर्माणों को तुरंत सील कर दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसी इमारतों को बनने देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला रविवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास एक इमारत के गिरने के बाद लिया गया।
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली में सत्य निकेतन इमारत हादसे के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चार मंजिल से अधिक ऊंचे सभी अवैध निर्माण तुरंत सील किए जाएंगे और दोषी अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाएगा। ये आदेश तुरंत लागू होंगे।"
एमसीडी ने साफ कर दिया है कि तय नियमों को पूरा न करने वाली इमारतों को बिना देरी के सील कर दिया जाएगा। नगर निगम ने अपने अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की है और कहा है कि ऐसे निर्माणों के मामले में दोषी पाए जाने वाले अफसरों के पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि, रविवार रात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय के बाहर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया था। ABVP कार्यकर्ताओं ने छात्र-बहुल इलाकों में पेइंग गेस्ट (PG) में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर एमसीडी की लापरवाही और उदासीनता के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी एमसीडी इमारत परिसर में घुस गए और तुरंत व ठोस प्रशासनिक कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया।


