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मोबाइल के जरिए अपनी पसंदीदा शराब बुक कर पाएंगे दिल्ली वाले, जल्द ही सामने होगा नई शराब नीति का ड्राफ्ट

मोबाइल के जरिए अपनी पसंदीदा शराब बुक कर पाएंगे दिल्ली वाले, जल्द ही सामने होगा नई शराब नीति का ड्राफ्ट

संक्षेप:

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PTI को बताया था कि उनकी सरकार रेवेन्यू बढ़ाने के लिए एक नई, फुलप्रूफ और ट्रांसपेरेंट एक्साइज पॉलिसी पर काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि नई पॉलिसी दूसरे राज्यों में अपनाए जाने वाले सबसे अच्छे तरीकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

Dec 16, 2025 11:22 pm ISTSourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
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अगर सबकुछ ठीक रहा और योजना के अनुसार चला तो दिल्ली वाले जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए अपने पसंदीदा ब्रांड की शराब घर बैठे बुक करवाकर रखवा सकेंगे। यह कदम दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के ड्राफ्ट का हिस्सा है। इस नई शराब नीति को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के PWD (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट) मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता वाली एक समिति को सौंपी गई है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इन नई नीति पर जनता की प्रतिक्रिया (फीडबैक) लेने के लिए इस ड्राफ्ट को जनवरी तक पब्लिक डोमेन में रखे जाने की संभावना है। कैबिनेट और लेफ्टिनेंट गवर्नर से मंज़ूरी मिलने के बाद पॉलिसी को नोटिफाई किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि समिति ने नई पॉलिसी के ड्राफ्ट में रिहायशी इलाकों में शराब दुकानों की संख्या कम करने की भी योजना बनाई है ताकि वहां होने वाली भीड़भाड़ को कम किया जा सके। राष्ट्रीय राजधानी में 700 से ज़्यादा शराब की दुकानें हैं जो चार सरकारी निगमों- दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DSIIDC), दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DTTDC), दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन (DSCSC) और दिल्ली कंज्यूमर्स कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर (DCCWS) द्वारा चलाई जाती हैं।

एक सूत्र ने बताया, 'पॉलिसी को लेकर हिस्सेदारों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। हमारे पास एक एप्लिकेशन (मोबाइल ऐप) लाने की योजना है जो उपभोक्ताओं को आस-पास की दुकानों पर उपलब्ध ब्रांडों की जांच करने में मदद करेगा। इस ऐप पर उनके पास अपनी पसंद का ब्रांड प्री-बुक करने का विकल्प भी होगा।'

प्री-बुकिंग के लिए ग्राहक से अतिरिक्त पैसा लेने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, इस पर विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि किसी ग्राहक द्वारा शराब की प्री-बुकिंग करने पर स्टोर मालिक को एक घंटे तक उस ग्राहक का इंतजार करना होगा कि वह आए और प्री-बुक किए गए ऑर्डर की डिलीवरी ले ले, लेकिन अगर वह इस दौरान नहीं आता है तो फिर वह उसे बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।

सूत्र ने कहा कि, 'इस एप्लिकेशन के जरिए सभी दुकानों को मैप किया जाएगा और उन्हें अपने स्टॉक की जानकारी को भी अपडेट रखना होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के ज़रिए यह भी पता चलेगा कि कौन से ब्रांड लोकप्रिय हैं। उदाहरण के लिए, अगर कई ग्राहक किसी खास ब्रांड को खोज रहे हैं और अगर वह उन्हें नहीं मिल पा रहा है, तो हमें इसके बारे में पता चल जाएगा और हम अपनी दुकानों पर उन्हें वह खास ब्रांड उपलब्ध कराएंगे।'

उन्होंने बताया कि एप्लिकेशन में ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक सेक्शन अलग भी होगा। साथ ही, दुकानों द्वारा किसी खास ब्रांड को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित किया जाएगा।

सूत्र ने आगे कहा, 'फिलहाल शहर में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। वास्तव में, हम रिहायशी इलाकों और स्कूलों के पास से दुकानों को हटाने की योजना बना रहे हैं। दुकानों के बीच कम से कम 350 मीटर की दूरी रखने की योजना है।' इस साल की शुरुआत में, दिल्ली सरकार ने मौजूदा एक्साइज पॉलिसी को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया था, क्योंकि वह अभी तक इसका नया वर्जन नहीं बना पाई है।

बढ़ाई गई पॉलिसी, जिसे पुरानी एक्साइज पॉलिसी भी कहा जाता है, सितंबर 2022 में लागू हुई थी। उस समय की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अपनी रिफॉर्म वाली पॉलिसी (2021-22) को खत्म कर दिया था, जो इसके बनने और लागू होने में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच मुश्किल में फंस गई थी। तब से पुरानी पॉलिसी को अलग-अलग समय के लिए बढ़ाया गया है, क्योंकि दिल्ली सरकार अभी तक कोई नई पॉलिसी नहीं ला पाई है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PTI को बताया था कि उनकी सरकार रेवेन्यू बढ़ाने के लिए एक नई, फुलप्रूफ और ट्रांसपेरेंट एक्साइज पॉलिसी पर काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि नई पॉलिसी दूसरे राज्यों में अपनाए जाने वाले सबसे अच्छे तरीकों के आधार पर तैयार की जाएगी। कमेटी ने अपनी मीटिंग्स में, मैन्युफैक्चरर्स और रिटेलर्स सहित स्टेकहोल्डर्स से एक्साइज रेवेन्यू, प्रति बोतल रिटेल मार्जिन, बिजनेस करने में आसानी, शराब पीने की कानूनी उम्र और प्राइवेट प्लेयर्स के लिए स्कोप जैसे कई पहलुओं पर फीडबैक लिया था।

Sourabh Jain

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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