बाढ़ के लिए दिल्ली कितनी तैयार है? सरकार ने NGT को सौंपा प्लान; कब तक पूरी होगी नालों की सफाई
राजधानी में मानसून से पहले बाढ़ की तैयारी को लेकर दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 21 फरवरी को एनजीटी को इसके बारे में रिपोर्ट सौंपी है।

राजधानी में मानसून से पहले बाढ़ की तैयारी को लेकर दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal) को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 21 फरवरी को एनजीटी को बताया कि उसके अधिकार क्षेत्र के 77 नालों की सफाई (डिसिल्टिंग) का काम 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। अब तक 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है।
यह रिपोर्ट 2023 में आई बाढ़ के बाद जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गठित ज्वाइंट फ्लड मैनेजमेंट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट 28 अगस्त 2024 को सौंपी गई थी, जिसके बाद I&FCD ने राजधानी के जल निकायों में गिरने वाले सभी नालों का रखरखाव अपने हाथ में ले लिया।
यमुना नदी की स्टडी के आंकड़े भी रखे
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक- विभाग ने यमुना नदी की जल वहन क्षमता पर की गई स्टडी के निष्कर्ष भी एनजीटी के सामने रखे। सेंट्रल वाटर कमीशन ने HEC-RAS मॉडल के जरिए हथिनीकुंड बैराज से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 202 किलोमीटर के हिस्से का विश्लेषण किया। हालांकि हरियाणा सिंचाई विभाग से सीमित आंकड़े मिलने के कारण कुछ नतीजे अस्थिर रहे हैं और मॉडल को दोबारा रिफाइन करने के लिए हरियाणा को भेजा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हिस्से में नदी की जल वहन क्षमता अलग-अलग स्थानों पर काफी भिन्न है- कुछ जगह 1000 क्यूमेक्स तो कुछ हिस्सों में 30000 क्यूमेक्स तक। भारी बाढ़ की स्थिति में ओवरफ्लो को हरियाणा प्रशासन नियंत्रित करता है।
फ्लडप्लेन का नक्शा भी तैयार किया जाएगा
दीर्घकालिक उपायों के तहत यमुना का वैज्ञानिक आकलन करने का काम Central Water and Power Research Station पुणे को सौंपा गया है। इसकी रिपोर्ट अगस्त तक आने की उम्मीद है। साथ ही 1:100 वर्ष की उच्चतम बाढ़ स्तर के आधार पर फ्लडप्लेन का नक्शा भी 31 अगस्त तक तैयार किया जाएगा।
विभाग ने बताया कि 14 नालों पर रेगुलेटर पहले से लगे हैं, बाकी पर लगाए जा रहे हैं। बैराज और नालों पर SCADA आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित या अपग्रेड किए जा रहे हैं। एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इंटर-डिपार्टमेंटल मॉनिटरिंग कमेटी गठित की गई है।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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