सोनम वांगचुक को अस्पताल से शिफ्ट किया तो जान का खतरा? पत्नी की याचिका के बाद सूत्रों ने जताई आशंका
सोनम वांगचुक का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग से किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग की है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का सफदरजंग में इलाज चल रहा है। परीक्षाओं में अनियमितताओं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 20 दिन अनशन किया था वहीं 21 वें दिन (शनिवार 18 जुलाई) दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया। इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
एनडीटीवी में छपी एक खबर के मुताबिक, सरकारी सूत्रों का कहना है कि अगर सोनम वांगचुक को सफरदजंग अस्पताल से किसी अन्य अस्पताल ले जाया जाता है, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही वांगचुक की पत्नी की उस आवेदन पर भी असहमित जताई गई है जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट से वांगचुक को किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है।
वांगचुक को कुछ होता है तो किसकी जवाबदेही?
वहीं दूसरी ओर सूत्रों ने कहा है कि ये वही कोर्ट है जिसने वांगचुक के बेहतर इलाज के लिए सरकार को इंतजाम करने का आदेश दिया था। कोई ऐसे कह सकता है कि सफदरजंग और एम्स जैसे मेडिकल संस्थान प्राइवेट अस्पताल के मुकाबले बेहतर इलाज नहीं दे सकते। सूत्रों ने यह भी कहा है कि अगर सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने के बाद कुछ होता है तो फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सूत्रों ने कहा है कि यह जवाब सरकार को ही देना होगा कि आखिर सरकारी अस्पताल में इलाज की सुविधा होने के बावजूद मरीज को किसी प्राइवेट अस्पताल में क्यों भेजा गया।
वांगचुक की पत्नी को क्या आपत्ति?
वांगचुक की पत्नी का कहना है कि सफरदजंग अस्पताल प्रशासन से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें सिर्फ चुनिंदा जानकारी दी जा रही है। उनका कहना है कि अस्पताल की ओर से पारदर्शिता की कमी है। गीतांजलि ने अस्पताल को पत्र लिखकर मांग की है कि वांगचुक तुरंत डिस्चार्ज किया जाए।
28 जून से भूख हड़ताल पर
आपको बता दें कि सोनम वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
अस्पताल से जारी किया संदेश
सोनम वांगचुक ने कल यानी 20 जुलाई को होने वाले ससंद मार्च से पहले एक संदेश जारी किया है। ये संदेश वांगचुक ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि '20 जुलाई आजादी का दूसरा आंदोनल भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत। वांगचुक ने आगे लिखा अन्याय से आजादी (जैसे पेपर लीक), डर से आजादी (मेरी गैरकानूनी हिरासत), भारत का दूसरा आजादी का आंदोलन, प्लीज संसद मार्च को सफल बनाइए।'


