बारिश के बाद बेसमेंट में भर गया था पानी, सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की ये भी वजह? चश्मदीद ने क्या बताया
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग ढहने की घटना सामने आई है। एक चश्मदीद ने बताया है कि बिल्डिंग के बेसमेंट में बारिश के बाद पानी भर जाता था।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढह गई। मलबे में दबने से अबतक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का एम्स ट्रामा सेंटर में ईलाज चल रहा है। वहीं मलबे में दबे अन्य लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है।
एक चश्मदीद राम ने इमारत को लेकर जो जानकारी दी है वह काफी चौंकाने वाली है। चश्मदीद का कहना है कि बारिश के बाद बेसमेंट में पानी भर गया था जिसके वजह से इमारत ढह गई। राम ने बताया ‘मंदिर के सामने एक पुरानी बिल्डिंग थी जिसमें पीजी चलता था और इसके बेसमेंट में कुछ काम चल रहा था। बारिश हुई तो बेसमेंट में पानी भर गया था जिसके वजह से पूरी की पूरी बिल्डिंग ढह गई। यह एक बजे के आस-पास की घटना है। यह एक काफी पुरानी बिल्डिंग है। इसमें 5-6 फ्लोर थे।’
उन्होंने आगे बताया कि ‘एक रूम में दो बच्चे तो रहते ही है रहते हैं तो मेरे हिसाब से 30-40 से कम बच्चे नहीं होंगे क्योंकि आज रविवार है। बेसमेंट में काम चल रहा था। मेरे ख्याल से कुछ रेनोवेशन चल रही थी। पिलर सामने वाली बिल्डिंग है उसमें भी नहीं हैं इसमें तो था ही नहीं क्योंकि ये पुरानी बिल्डिंग है। जब सत्य निकेत बसाया गया था तब की बनी हुई बिल्डिंग हैं। पहले यह एक दो फ्लोर के आस-पास थी उसके बाद इसमें शायद कोई केस चल रहा था। जब केस फाइनल हो गया तो इसमें रेनोवेशन की गई। मैं यह नहीं कह सकता कि बेसमेंट में खुदाई चल रही थी मगर इतना जरूर कह सकता हूं कि बेसमेंट में काम चल रहा था।’
चश्मदीद राम ने आगे कहा कि ‘यहां पर आपको सभी बिल्डिंग में दिखेगा कि लोगों ने बेसमेंट बना रखा है और इस टाइम में उस बेसमेंट में पानी भरा होता है और बिल्डिंग इतनी जोखिम भरी होती है कि ढह भी सकती है। ये लोग पंप के जरिए पानी बाहर निकालते हैं।’
सीएम रेखा बोलीं- बेसमेंट में हो रही थी खुदाई
बिल्डिंग पुरानी थी। और इसमें कंस्ट्रक्शन रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में किसी प्रकार की खुदाई चल रही थी जिसकी वजह से पिलर हिला और वह पूरी बिल्डिंग ढह गई। ये बिल्डिंग पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी और इसके अंदर बच्चे थे। सीएम ने कहा है कि हादसे के जिम्मेदार चाहे वह मालिक हो या अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।


