दिल्ली में 25 और रास्तों को रेड लाइट से मुक्ति दिलाने की तैयारी, 8 पहले ही सिग्नल फ्री; ट्रैफिक पुलिस का क्या प्लान?

By Mohit
पीटीआई, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

दिल्लीवालों को जाम से छुटकारा देने के लिए अलग-अलग कोशिश की जा रही हैं। इनमें से एक कोशिश रास्तों को सिग्नल फ्री बनाना भी है। इससे ट्रैफिक जाम कम होने और गाड़ियों की आवाजाही बेहतर होने की बात कही जा रही है।

दिल्ली में 25 और रास्तों को रेड लाइट से मुक्ति दिलाने की तैयारी, 8 पहले ही सिग्नल फ्री; ट्रैफिक पुलिस का क्या प्लान?

राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है और इससे निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अलग-अलग कोशिशें कर रही है। दिल्ली में सड़कों पर भीड़ कम करने और ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए 25 कॉरिडोर का अध्ययन करने के बाद 8 कॉरिडोर को सिग्नल फ्री बना दिया है जबकि अन्य 25 सड़कों को भी जल्द सिग्नल फ्री बनाने की प्लानिंग है।

स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) मनीष अग्रवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे उपाय पर विचार कर रहा है जिनका फायदा लंबे समय तक मिले और साथ ही नियमों को सख्ती स लागू करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा ‘हमने 25 सड़कों की स्टडी की है। 8 को पहले ही सिग्नल फ्री किया जा चुका है जबकि अन्य 25 सड़कों की भी पहचान कर ली गई है। इन सड़कों पर भी इसी तरह की स्टडी चल रही है ताकि इन्हें भी सिग्नल फ्री किया जा सके।’

रास्तों पर जाम कम हुआ?

स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने आगे कहा ‘ नेविगेशन प्लेटफॉर्म के एनालिटिकल डेटा से पता चलता है कि ट्रैफिक को बेहतर और सख्ती से संभालने की वजह से अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई रास्तों पर जाम कम हुआ है। हमारा ध्यान विशेषकर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से चलाना है। नियमों का सख्ती से पालन करवाने के वजह से सड़कों पर अनुशासन दिखा है।’

62 जाम वाली जगहों की भी पहचान

उन्होंने कहा ‘उप-राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में 62 ऐसे प्वाइंट्स की पहचान की गई है जहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है, इसके बाद इस समस्या को दूर करने के लिए सिविक एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया गया। कई जगहों पर सुधार देखा गया है मगर चार जगह ऐसी भी हैं जहां पर खास सुधार नहीं देखने को मिला तो ऐसे में संबंधित एजेंसियों को संरचनात्मक बदलाव के लिए कहा गया है।’

जलभराव को लेकर क्या प्लान?

मॉनसून को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिविक एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसी 169 जगहों की पहचान की है जहां पर जलभराव की समस्या रहती है। अग्रवाल के मुताबिक, भारी बारिश के दौरान जलभराव को पूरी तरह से नहीं रोका जा सकता, मगर विभागों के बीच बेहतर तालमेल से इसबार समस्या से निपटने के लिए कम समय लगने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा है कि 'मॉनसून के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली सरकार से 1200 कर्मचारी भी अतिरिक्त मिले हैं जिन्हें ट्रैफिक संभालने और बारिश के वजह से लगने वाली वाहनों की भीड़ से निपटने के लिए तैनात किया जाएगा।

Mohit

लेखक के बारे में

Mohit

मोहित पिछले 10 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्टेट टीम के लिए क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर कर रहे हैं। वे विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों की खबरों को कवर करते हैं।


विस्तृत बायो:

मोहित एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय मीडिया जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों में एक दशक से ज्यादा का अनुभव हासिल है। वे साल 2016 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान डिजिटल के साथ कार्यरत, मोहित अपनी लेखनी के जरिए खबरों की गहराई और सत्यता को पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। इनका पत्रकारिता का सफर केवल समाचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके पास जटिल विषयों को सरल और सटीक भाषा में समझाने का विशेष कौशल है। बदलते समय के साथ विजुअल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में भी महारत हासिल की और न्यूज वेब स्टोरीज के जरिए लाखों पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाई।


अनुभव:

मोहित साल 2021 से ही हिंदुस्तान डिजिटल से जुड़े हैं। वर्तमान में स्टेट (State) टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज कर रहे हैं। इससे पहले वेब स्टोरी टीम में वैल्यू-एडेड कंटेंट तैयार कर चुके हैं। हिंदुस्तान से जुड़ने से पहले जनसत्ता डिजिटल, एनडीटीवी, उमर उजाला डिजिटल में अलग-अलग पदों पर रहते हुए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों, ब्रेकिंग न्यूज, स्पोर्ट्स और यूटिलिटी की खबरों के जरिए पाठकों को जागरूक करने का काम कर चुके हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि:

हिंदी पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है और देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में ही पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा होने के कारण मोहित के पास खबरों की ठोस समझ है। विशेष रूप से स्पोर्ट्स, ऑटो-टेक और राजनीति जैसे क्षेत्रों में निरंतर रिसर्च और लेखन ने उन्हें इन विषयों पर एक विश्वसनीय 'विषय विशेषज्ञ' बनाया है।


पत्रकारिता का उद्देश्य:

एक दशक के पत्रकारिता सफर और IIMC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए, मोहित का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचनाओं का प्रसारण नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज के प्रति एक गहरी जवाबदेही है। ये जवाबदेही निष्पक्ष और तथ्यपरक सूचनाएं देने से पूरी होती है।


विशेषज्ञता

राजनीतिक खबरें
स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी गैजेट्स कंटेट
यूटिलिटी कंटेट
विजुअल स्टोरीटेलिंग

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsएनसीआर Newsनई दिल्लीदिल्ली में 25 और रास्तों को रेड लाइट से मुक्ति दिलाने की तैयारी, क्या प्लान?