पुलिसकर्मियों पर छात्रों ने नहीं बल्कि… मनोज तिवारी ने जंतर-मंतर हिंसा पर राहुल गांधी का नाम ले कर डाली जांच की मांग
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को पुलिसकर्मियों पर हुए हमले को लेकर कहा है कि इसमें छात्र नहीं बल्कि अवांछनीय तत्व शामिल हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मनोज तिवारी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस के घायल जवानों के लिए अगर राहुल गांधी संवेदना नहीं रखेंगे तो ये देश देख रहा है। इसके साथ ही बीजेपी सांसद ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला छात्रों ने नहीं बल्कि अवांछनीय तत्वों ने किया।
तिवारी ने कहा 'आप राहुल गांधी जी से संवेदना की उम्मीद नहीं कर सकते। पुलिस के जो जवान घायल हुए हैं वे किन परिस्थितियों में घायल हुए कैसे उनपर हमला हुआ। और हमला करने वाले छात्र नहीं हो सकते। छात्रों का तो अपने मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था लेकिन जो अवांछनीय तत्व इसमें शामिल हुए उन्होंने पुलिस पर हमला किया। और निश्चित रूप से पुलिस के घायल जवानों के लिए आप संवेदना नहीं रखेंगे तो ये देश देख रहा है। और देश में राहुल गांधी और कांग्रेस के इस व्यवहार के प्रति बहुत गुस्सा है।'
उन्होंने आगे कहा ‘मैं तो लगातार घूम रहा हूं और जो जहां मिल रहा है वो कांग्रेस के इस कदम को धिक्कार रहा है। आप पेपर लीक के कड़े कानून को पास करने की उम्मीद में नहीं थे और उसका विरोध कर रहे थे। हल्ला कर रहे थे। इतना कड़ा कानून जो कि छात्रों के भविष्य के लिए जरूरी है वहां भी आप विरोध में थे। जो छात्र घायल हुए और पुलिसकर्मी घायल हुए उनके लिए समान संवेदना रखो। बड़ी कठिन परिस्थिति में पुलिसवालों ने सबको संभाला है बाकी मेरा पूरा ऐसा विश्वास है कि छात्र ऐसा नहीं कर सकते अंवाछनीय तत्वों ने ऐसा किया है और उनकी पूरी रिसर्च और जांच होनी चाहिए।’
20 जुलाई संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज हुआ था
आपको बता दें कि 20 जुलाई कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया था। इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था जिसमें कई छात्रों को चोटें आई थीं तो वहीं इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने सुनाई आपबीती
संसद मार्च के दौरान घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने शुक्रवार को 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपनी आपबीती सुनाई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संसद में उनकी पीड़ा पर भी चर्चा होनी चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। छात्रों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के आंदोलन के 36वें दिन प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।


