अब किनपर गिरेगी अवमानना की गाज? जस्टिस स्वर्णकांता का कड़ा रुख; AAP के 6 नेता पहले ही नपे
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा नई दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मामलों की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ 'कोर्ट की अवमानना' की कार्रवाई शुरू कर दी।
दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि वे उन यूट्यूबर्स के खिलाफ आदेश पारित कर सकती हैं जिन्होंने उनके और कोर्ट के खिलाफ 'दुष्प्रचार अभियान' चलाया। जज ने कहा है कि कुछ यूट्यूबर्स ने एडिट किए गए वीडियो के जरिए उनके और कोर्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक अभियान चलाया है।
लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस स्वर्णकांता ने शराब नीति मामले में आप नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की सुनवाई के दौरान कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक अभियान चलाया गया और निंदनीय बातें पोस्ट की गई हैं। दरअसल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा आप नेताओं पर जस्टिस स्वर्णकांता और कोर्ट के खिलाफ अवमाननापूर्ण अभियान और "एडिटेड वीडियो" फैलाने का दावा किया गया था।
एसजीआई तुषार मेहता ने क्या कहा?
जैसे ही कोर्ट ने अपना फैसला (शराब नीति मामले पर) सुनाया, एसजीआई तुषार मेहता ने कहा कि आप नेताओं द्वारा गढ़ा गया यह 'नैरेटिव' अभी भी जारी रहेगा, और कई यूट्यूब चैनलों द्वारा इंटरव्यू और वीडियो बनाए जाएंगे। इसपर जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा कि कुछ यूट्यूबर्स के खिलाफ सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं और इसके चलते उनके खिलाफ एक अन्य अवमानना आदेश जारी किया जा सकता है।
वीडिया का किया जिक्र
लाइव लॉ के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता ने सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किए उस वीडियो का भी जिक्र किया जिसमें वे एक कार्यक्रम में ये कहती हुई नजर आ रही हैं कि जब भी वे भाजपा या आरएसएस के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं, तो उन्हें प्रमोशन मिल जाता है। जस्टिस स्वर्णकांता ने सुनवाई के दौरान बताया कि बाद में पता चला कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है और वीडियो वास्तव में वाराणसी के विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय लीगल वर्कशॉप का है।
सुनवाई से खुद को किया अलग
मालूम हो कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा नई दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मामलों की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ 'कोर्ट की अवमानना' की कार्रवाई शुरू कर दी। बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों को यह लग सकता है कि मेरे मन में उनके प्रति कोई द्वेष या दुर्भावना है। जज ने माना कि 'कोर्ट की अवमानना' के मामले में सुनवाई को ध्यान में रखते हुए केस को किसी और को ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
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