कॉकरोच प्रवक्ता सौरव दास पहुंचे कोर्ट, घर का एड्रेस सार्वजनिक हुआ, ठोका 2 करोड़ का दावा
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सार्वजनिक मंचों पर उनके घर का पता और निजी जानकारियां साझा कर उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने प्राइवेसी के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दास ने राजनीतिक विश्लेषक अभिजीत अय्यर मित्रा और कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के खिलाफ 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगते हुए सिविल सूट दायर किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादियों ने सार्वजनिक मंचों पर उनके घर का पता और निजी जानकारियां साझा कर उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला है।
क्या है पूरा मामला?
सौरव दास की तरफ से अदालत में दी गई याचिका के अनुसार, यह विवाद उनके ग्रेटर कैलाश में किराए के मकान से जुड़ा है।
दास का आरोप है कि एक मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर कैलाश स्थित उनके किराए के घर में बिना अनुमति के प्रवेश किया, अंदर के दृश्यों को रिकॉर्ड किया और 5 अगस्त को उस फुटेज को X पर पोस्ट कर दिया। इस वीडियो को 21 लाख से ज्यादा व्यूज मिले और 10 अगस्त को इसे दोबारा पोस्ट किया गया।
याचिका में कहा गया है कि अभिजीत अय्यर मित्रा ने एक न्यूज पोर्टल के शो के दौरान दास के घर का सटीक पता सार्वजनिक किया, उनके पड़ोसी की पहचान बताई और यह दावा भी किया कि उस मकान का मासिक किराया 7 लाख रुपए है।
कोर्ट से क्या मांग की गई है?
सौरव दास ने अदालत से मुख्य रूप से तीन राहतें मांगी हैं।
- 2 करोड़ रुपए का हर्जाने दिया जाए।
- वीडियो और पोस्ट को सभी प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाए।
- भविष्य में निजी जानकारी सार्वजनिक न करने का अंतरिम आदेश जारी किया जाए।
याचिका में कहा गया है कि दास को पहले भी कई बार हिंसक धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में उनका सटीक पता सार्वजनिक होने से असामाजिक तत्वों की तरफ से उन्हें ढूंढना आसान हो गया है, जिससे उनके और उनके परिवार के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
दास का तर्क है कि मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर से जानबूझकर उन्हें निशाना बनाने और डराने-धमकाने की मंशा से यह जानकारी फैलाई गई है।


