काम की बात: दिल्लीवासी ध्यान दें! फिर बढ़ सकता है आपका बिजली का बिल, 8 प्रतिशत सरचार्ज मंजूर

By Mohit
भाषा, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

दिल्ली में एकबार फिर बिजली महंग हो सकती है। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को लगातार दूसरे महीने भी ग्राहकों पर 8 प्रतिशत तक का 'अतिरिक्त' एफपीपीएएस लगाने की मंजूर दी है।

Delhi electricity bill hike

दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने शहर की बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को दूसरे महीने भी ग्राहकों पर 8 प्रतिशत तक का 'अतिरिक्त' फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लगाने की मंजूरी दी है। इससे महीने का बिजली बिल और बढ़ सकता है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पिछले महीने, डीईआरसी ने बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (डिस्कॉम) को अप्रैल के लिए अतिरिक्त एफपीपीएएस लगाने की मंजूरी दी थी। यह दर बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) के लिए 7.94 प्रतिशत, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के लिए 7.43 प्रतिशत और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के लिए 6 फीसदी थी।

कंपनियों ने की थी राहत की मांग

तीनों बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने जून और जुलाई के लिए भी डीईआरसी से राहत की मांग की थी। उनका कहना था कि मई महीने के लिए बिजली खरीद की असल लागत, मौजूदा मूल बिजली खरीद लागत की तुलना में काफी बढ़ गई है।

एफपीपीएएस पर एक बिल चक्र में कितनी सीमा?

डीईआरसी के नियमों के अनुसार, एक बिल चक्र में वसूले जाने वाले एफपीपीएएस पर 10 प्रतिशत की सीमा है। साथ ही, एफपीपीएएस हर महीने डीईआरसी तय करता है। इसकी गणना ग्राहक के फिक्स्ड चार्ज और एनर्जी चार्ज के कुल योग के प्रतिशत के रूप में की जाती है। डीईआरसी ने 10 जुलाई को जारी एक आदेश में कहा था कि मई के लिए एफपीपीएएस की गणना बीआरपीएल के लिए 25 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 19.91 प्रतिशत और टीपीडीडीएल के लिए 12.21 प्रतिशत की गई है।

आदेश के अनुसार, डीईआरसी ने बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को 10 प्रतिशत की तय सीमा वाले एफपीपीएएस के अलावा मई के लिए अतिरिक्त राशि वसूलने की मंजूरी दी है। इससे उन्हें बिजली खरीदने की लागत में हुई 'बढ़ोतरी का कम से कम जरूरी हिस्सा' वसूलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।

मासिक आधार पर लागू की गई है छूट

अतिरिक्त एफपीपीएस की मंजूरी बीआरपीएल के लिए 7.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 7.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएनल के लिए 2.21 प्रतिशत की दर से दी गई है। डीईआरसी के आदेश के अनुसार, मई, 2026 के लिए वसूल किए जा सकने वाले कुल एफपीपीएएस की दर बीआरपीएल के मामले में 17.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 17.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएल के मामले में 12.21 प्रतिशत है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह छूट आयोग के अगले आदेश तक मासिक आधार पर लागू रहेगी।

क्या है एफपीपीएएस?

आपको बता दें कि फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज बिजली बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन (जैसे कोयला या गैस) की कीमतों में बढ़ोत्तरी या फिर बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों द्वारा बाहर से ही महंगी बिजली खरीदने के वजह से अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए ग्राहकों से लिया जाता है।

Mohit

लेखक के बारे में

Mohit

मोहित पिछले 10 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्टेट टीम के लिए क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर कर रहे हैं। वे विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों की खबरों को कवर करते हैं।


विस्तृत बायो:

मोहित एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय मीडिया जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों में एक दशक से ज्यादा का अनुभव हासिल है। वे साल 2016 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान डिजिटल के साथ कार्यरत, मोहित अपनी लेखनी के जरिए खबरों की गहराई और सत्यता को पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। इनका पत्रकारिता का सफर केवल समाचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके पास जटिल विषयों को सरल और सटीक भाषा में समझाने का विशेष कौशल है। बदलते समय के साथ विजुअल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में भी महारत हासिल की और न्यूज वेब स्टोरीज के जरिए लाखों पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाई।


अनुभव:

मोहित साल 2021 से ही हिंदुस्तान डिजिटल से जुड़े हैं। वर्तमान में स्टेट (State) टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज कर रहे हैं। इससे पहले वेब स्टोरी टीम में वैल्यू-एडेड कंटेंट तैयार कर चुके हैं। हिंदुस्तान से जुड़ने से पहले जनसत्ता डिजिटल, एनडीटीवी, उमर उजाला डिजिटल में अलग-अलग पदों पर रहते हुए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों, ब्रेकिंग न्यूज, स्पोर्ट्स और यूटिलिटी की खबरों के जरिए पाठकों को जागरूक करने का काम कर चुके हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि:

हिंदी पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है और देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में ही पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा होने के कारण मोहित के पास खबरों की ठोस समझ है। विशेष रूप से स्पोर्ट्स, ऑटो-टेक और राजनीति जैसे क्षेत्रों में निरंतर रिसर्च और लेखन ने उन्हें इन विषयों पर एक विश्वसनीय 'विषय विशेषज्ञ' बनाया है।


पत्रकारिता का उद्देश्य:

एक दशक के पत्रकारिता सफर और IIMC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए, मोहित का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचनाओं का प्रसारण नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज के प्रति एक गहरी जवाबदेही है। ये जवाबदेही निष्पक्ष और तथ्यपरक सूचनाएं देने से पूरी होती है।


विशेषज्ञता

राजनीतिक खबरें
स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी गैजेट्स कंटेट
यूटिलिटी कंटेट
विजुअल स्टोरीटेलिंग

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।