
कभी खुशी-कभी गम! 2025 की वो 10 बड़ी घटनाएं, जिसे नहीं भूल पाएंगे दिल्लीवाले
Year End 2025: साल 2025 दिल्ली के लिए बेहद खास रहा, जिसमें बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी, लेकिन यमुना में आई भयंकर बाढ़, नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ और लाल किले के पास हुए आतंकी धमाके ने शहर को झकझोर कर रख दिया।
साल 2025 खत्म होने को है। ये साल दिल्लीवालों के लिए बेहद खास रहा। इस साल ऐसी कई घटनाएं हुईं, जो हमेशा याद रहेंगी। साल की शुरुआत में ही दिल्ली में राजनीतिक बयार बदली और एक दशक बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी। लेकिन ये शहर, जो कभी इंद्रप्रस्थ की धरती पर खड़ा हुआ था, इस साल यमुना की लहरों में डूबा और लाल किले की परछाईं में धमाकों से कांपा। 2025 दिल्लीवालों के लिए वो साल रहा, जहां जीत की पटाखों की गूंज के साथ-साथ भगदड़ की चीखें और बाढ़ की सिसकियां भी गूंजीं। नई सरकार ने उम्मीदें जगाईं, तो अदालती फैसलों ने कई बदलाव किए, लेकिन आतंकी साये ने दिल दहला दिया। आइए, इस साल की 10 ऐसी घटनाओं पर नजर डालें, जो दिल्ली की धड़कनों को थामकर रख गईं, कुछ ने मुस्कान लौटाई, तो कुछ ने आंसू बहाए।

1. बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: 27 साल बाद दिल्ली पर कमल खिला
फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें लपक लीं, आम आदमी पार्टी को 22 पर सिमटा दिया। रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 1998 के बाद पहली बार दिल्ली में बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार। अब दिल्ली भी वो राज्य है जहां डबल इंजन सरकार है। सरकार बनने के साथ कई बड़े ऐलान हुए।

2. नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़
फरवरी में महाकुंभ की यात्रा पर सैकड़ों यात्री स्टेशन पर उमड़े, तो प्लेटफॉर्म 14-15 पर फुटब्रिज पर फिसलन ने सब तबाह कर दिया। ट्रेनों की देरी और भीड़भाड़ में भगदड़ हुई। इस भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। रेलवे ने जांच का वादा किया, लेकिन ये हादसा दिल्ली को झकझोर गया।
3. पुरानी गाड़ियों पर रोक पर सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत
अगस्त में कोर्ट ने पुरानी डीजल (10 साल) और पेट्रोल (15 साल) गाड़ियों पर कार्रवाई रोकी। अदालत ने 2018 के बैन पर संशोधन किया। वहीं दिल्ली सरकार ने कहा कि वाहनों पर बैन उम्र आधारित नहीं, उत्सर्जन पर हो। ये राहत लाखों वाहन मालिकों को मिली।

4. आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख आवारा कुत्तों को शेल्टर में बंद करने का आदेश दिया। इस आदेश का काफी विरोध हुआ। इसके बाद कोर्ट ने इसमें संशोधन किया। कोर्ट ने शेल्टर में बंद करने वाले आदेश पर रोक लगाई और वैक्सीनेशन करने के निर्देश दिए।

5. दिल्ली ने फिर देखी यमुना की बाढ़
सितंबर महीने में यमुना ने खतरे की रेखा लांघ दी। जलस्तर 207.48 मीटर पहुंचा, जो 1963 के बाद तीसरा सबसे ऊंचा स्तर था। हैथनीकुंड बैराज से पानी की बाढ़ ने रिंग रोड, सिविल लाइंस, मयूर विहार जैसे इलाकों को डुबो दिया। 12000 लोग बेघर हुए, रेल पुल बंद किया गया।

6. क्लाउड सीडिंग के जरिए प्रदूषण धोने की कोशिश
अक्टूबर की धुंध भरी शाम, जब दिल्ली का AQI 300 पार कर गया, तो आईआईटी कानपुर ने दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश की कोशिश की। ये क्लाउड सीडिंग का पहला ट्रायल था। लेकिन नमी की कमी से बारिश नहीं हुई। 3.5 करोड़ का ये प्रयोग प्रदूषण की जंग में नया हथियार था। हालांकि ये ट्रायल सफल नहीं रहा।

7. पहली बार हॉट एयर बलून की उड़ान
नवंबर में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने यमुना के तट पर बांसरा पार्क में पहली हॉट एयर बलून सेवा शुरू की। 120 फीट ऊपर चढ़कर अक्षरधाम और हुमायूं का मकबरा नजर आए। 3,000 रुपये प्रति व्यक्ति, 15-20 मिनट की ये सैर पर्यटकों को लुभाई। सर्दियों की हवा में ये नया रोमांच दिल्ली को 'स्काई सिटी' बनाने की दिशा में कदम था।
8. दिल्ली का नक्शे बदलने की कवायद: 11 से 13 जिले
नवंबर में दिल्ली का नक्शा फिर रचा गया। राजस्व विभाग ने 11 जिलों की जगह 13 जिले बनाने का प्रस्ताव दिया। ये बदलाव एमसीडी के 12 जोनों से मैच करने को था, ताकि सरकारी काम तेज हो। नए साल से लागू होने वाला ये फैसला दिल्ली में सरकारी कामों को और सुलभ बनाएगा।

9. लाल किले के पास कार ब्लास्ट
नवंबर महीने में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास भयानक ब्लास्ट ने शहर को हिला दिया। ये धमाका एक कार में हुआ, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है। धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए। जांच में खुलासा हुआ कि ये एक आतंकी धमाका था जिसे डॉक्टर उमर नबी ने किया था। धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का कनेक्शन भी सामने आया। अभी भी दिल्ली धमाके की जांच जारी है।

10. एमसीडी उपचुनाव: बीजेपी की बढ़त
दिसंबर में घोषित दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों के उपचुनाव नतीजों में बीजेपी ने 7, आप ने 3, कांग्रेस ने 1 और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1 सीट जीतीं, जिससे निगम में बीजेपी की ताकत 122 सीटों तक पहुंच गई। इन नतीजों को नई बनी बीजेपी सरकार और नई मुख्यमंत्री (रेखा गुप्ता) के लिए पहला लिटमस टेस्ट माना गया, जबकि संगम विहार A में कांग्रेस की जीत को पार्टी के लिए ‘मिनी कमबैक’ के रूप में देखा गया।





